प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रविवार को फ्रांस के तटीय शहर नीस में एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक का आयोजन ‘भारत इनोवेट्स 2026’ कार्यक्रम के शुभारंभ के तुरंत बाद हुआ। दोनों वैश्विक नेताओं के बीच यह मुलाकात बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, जो दोनों देशों के बीच गहराते रणनीतिक और कूटनीतिक रिश्तों को प्रदर्शित करती है।
द्विपक्षीय वार्ता के लिए दोनों राजनेता फ्रेंच रिवेरा पर स्थित ऐतिहासिक ‘विला केरीलोस’ पहुंचे। बीसवीं सदी की शुरुआत में निर्मित इस विला में दोनों नेताओं ने बेहद गर्मजोशी के साथ मुलाकात की और एक-दूसरे को गले लगाया। प्राचीन ग्रीक रिवाइवल वास्तुकला के इस बेजोड़ नमूने को प्रसिद्ध फ्रांसीसी वास्तुकार इमैनुएल पोंट्रेमोली ने तैयार किया था, जिसे साल 1966 में वहां के संस्कृति मंत्रालय द्वारा ‘ऐतिहासिक स्मारक’ घोषित किया जा चुका है।
इस उच्च स्तरीय बैठक से पहले, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने नीस के ‘पैलेस डेस एक्सपोजिशन’ में संयुक्त रूप से ‘भारत इनोवेट्स 2026’ प्रदर्शनी की शुरुआत की। उद्घाटन सत्र के दौरान दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने नवाचार (इनोवेशन) और उन्नत प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आपसी तालमेल बढ़ाने पर बल दिया। इसके साथ ही डीप-टेक विकास के मामले में भारत की उभरती वैश्विक क्षमता को दुनिया के सामने रखा गया।
तीन दिनों तक चलने वाला यह विशिष्ट आयोजन भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप्स, शोधकर्ताओं, अन्वेषकों और निवेशकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के उद्योगपतियों और ग्लोबल इनोवेशन फंड्स के साथ सीधा संवाद करने का अवसर देता है। इस वृहद प्रदर्शनी में 13 प्रमुख तकनीकी क्षेत्रों से जुड़े 120 अत्याधुनिक स्टार्टअप्स और 20 से अधिक शीर्ष संस्थान हिस्सा ले रहे हैं। इसके अलावा, दुनिया भर के 350 से ज्यादा बड़े वेंटर कैपिटलिस्ट्स और निवेशक भी इसमें शामिल हो रहे हैं।
समारोह में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए राष्ट्रपति मैक्रों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस ऐसे मजबूत सहयोगी हैं जो वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में इंटरनेशनल सोलर अलायंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हिंद-प्रशांत (इंडो-पैसिफिक) क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जारी संयुक्त प्रयासों का विशेष रूप से उल्लेख किया।
यह आयोजन भारत सरकार के उस दूरदर्शी संकल्प को दर्शाता है जिसके तहत देश को ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर ले जाते हुए एक ग्लोबल इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करना है। साथ ही, यह वैश्विक तकनीकी परिदृश्य में भारत और फ्रांस की इस साझीदारी की अहमियत को और ज्यादा विस्तार देने का काम करता है।