मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की बड़ी घोषणा: ₹2000 करोड़ से संवरेगा चित्रकूट धाम, सिंहस्थ-2028 और दुग्ध उत्पादन को लेकर भी तय हुए बड़े लक्ष्य

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की बड़ी घोषणा: ₹2000 करोड़ से संवरेगा चित्रकूट धाम, सिंहस्थ-2028 और दुग्ध उत्पादन को लेकर भी तय हुए बड़े लक्ष्य

उज्जैन जिले के नागदा स्थित श्री बालाजी धाम में आयोजित श्रीराम दरबार प्राण प्रतिष्ठा एवं ध्वज पूजा समारोह के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार 2,000 करोड़ रुपये के बजट के साथ चित्रकूट धाम का भव्य कायाकल्प करने जा रही है। इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गेहलोत भी विशेष अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बालाजी धाम परिसर में फर्श निर्माण, बाउंड्री वॉल और पेयजल जैसी सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का भी ऐलान किया।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व और देश की सर्वोच्च अदालत के आदेशानुसार सरयू नदी के पावन तट पर भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है। इसके साथ ही हमारे समाज का 500 वर्षों का एक लंबा और ऐतिहासिक संघर्ष भी सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने अपने जीवन के अत्यंत महत्वपूर्ण 12 वर्ष चित्रकूट की पावन भूमि पर व्यतीत किए थे। इसी महत्ता को देखते हुए राज्य सरकार दो हजार करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य चित्रकूट धाम का विकास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि मध्य प्रदेश में जिन-जिन स्थानों पर भगवान श्रीराम के चरण पड़े थे, उन सभी स्थलों को चिह्नित कर सरकार ‘श्रीराम वन गमन पथ’ के तहत विकसित कर रही है। इसके साथ ही, भगवान श्री गोपाल कृष्ण से जुड़े सभी धार्मिक स्थलों को भी ‘श्रीकृष्ण पाथेय’ योजना के अंतर्गत भव्य रूप दिया जा रहा है। आगामी सिंहस्थ-2028 की तैयारियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भव्य और ऐतिहासिक आयोजन के लिए हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्यों को तीव्र गति से पूरा किया जा रहा है। इसका सीधा लाभ उज्जैन, इंदौर और आसपास के सभी जिलों को मिल रहा है। विकास के इसी क्रम में इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन क्षेत्र में अब धार, नागदा और रतलाम को भी जोड़ लिया गया है।

सरकार की अन्य प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रभु श्रीराम का विराट व्यक्तित्व हमें उच्च मानवीय मूल्यों के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देता है। रामराज्य की परिकल्पना को साकार करने के लिए हमारी सरकार गरीब, किसान और नारी शक्ति के सशक्तिकरण के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने (अंत्योदय) के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण को आदर्श मानते हुए राज्य सरकार ने हर घर में गाय पालने और दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने का एक बड़ा संकल्प लिया है।

इस संकल्प को पूरा करने के लिए प्रदेश में ‘डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना’ की शुरुआत की गई है, जिसके तहत 10 लाख रुपये तक के अनुदान का प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य मध्य प्रदेश में दुग्ध उत्पादन की हिस्सेदारी को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाना है। इसके अतिरिक्त, राज्य में प्राकृतिक खेती और गौ-पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रति गाय 1,100 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता देने का भी निर्णय लिया गया है।

समारोह को संबोधित करते हुए कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गेहलोत ने कहा कि डेलनपुर में एक अत्यंत भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है। आज वैश्विक कल्याण और स्थायी शांति की स्थापना के लिए पूरी दुनिया सनातन धर्म की ओर बड़ी उम्मीदों के साथ देख रही है। इस दौरान स्थानीय सांसद श्री अनिल फिरोजिया ने भी श्री बालाजी धाम के निर्माण कार्य और मंदिर परिसर की भावी विस्तार योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की।

इस गरिमामयी कार्यक्रम में परमपूज्य 1008 श्री नारायण त्यागी महाराज, पूज्य श्री मधुसूदन त्यागी महाराज सहित क्षेत्र के कई विधायक – डॉ. तेजबहादुर, श्री सतीश मालवीय, श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, श्री दिनेश जैन उपस्थित रहे। इनके साथ ही जिला अध्यक्ष श्री राजेश धाकड़, उज्जैन के महापौर श्री मुकेश टटवाल, पूर्व विधायक श्री लालसिंह राणावत, पूर्व विधायक श्री जितेंद्र गहलोत और श्री राकेश यादव सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और प्रबुद्धजन मौजूद थे।

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