फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रवासी भारतीय समुदाय को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने दोनों देशों के रणनीतिक रिश्तों को प्रगाढ़ बनाने में प्रवासियों के योगदान की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने भारत की तीव्र आर्थिक प्रगति, डिजिटल बदलाव और बुनियादी ढांचे के विकास के आंकड़े साझा करते हुए देश की नई वैश्विक छवि को रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह से कहा कि फ्रांस में निवास करने वाले भारतीयों ने 21वीं सदी में दोनों राष्ट्रों के संबंधों को एक नए मुकाम पर पहुँचाया है। यह समुदाय भारत और फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी का एक प्रमुख स्तंभ बन चुका है। भारत आज दुनिया की सबसे तेज रफ्तार से आगे बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था है, जिसने हाल के वर्षों में करोड़ों नागरिकों को गरीबी रेखा से बाहर निकालने में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है।
देश के आर्थिक और विनिर्माण क्षेत्र में आए उछाल का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि बीते 12 वर्षों के दौरान भारत का निर्यात 35 गुना तक बढ़ चुका है। इसके अतिरिक्त, देश के भीतर मोबाइल उत्पादन फैक्ट्रियों की संख्या में 100 गुना की भारी वृद्धि दर्ज की गई है, जिसके चलते भारत वर्तमान में विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता देश बनकर उभरा है। इस अभूतपूर्व प्रगति ने भारत को वैश्विक मंच पर सबसे तेजी से विकसित होती बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित कर दिया है।
बुनियादी ढांचे के विकास पर प्रकाश डालते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 12 सालों में भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) दोगुना हो गया है। इसके समानांतर ही देश में हवाई अड्डों और विश्वविद्यालयों की संख्या में भी दो गुनी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने आगे जानकारी दी कि देश में राजमार्गों (हाईवे) के निर्माण की रफ्तार तीन गुना तेज हुई है, जबकि मेट्रो रेल नेटवर्क का दायरा चार गुना तक बढ़ चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की यह विकास यात्रा केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बड़े सामाजिक बदलाव का प्रतीक है।
डिजिटल क्रांति और स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए सुधारों की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने न केवल नागरिकों की पहचान को डिजिटल रूप दिया है, बल्कि करीब 90 करोड़ लोगों के लिए विशिष्ट डिजिटल हेल्थ आईडी (यूनिक डिजिटल हेल्थ आईडी) भी बनाई है। इस व्यवस्था से मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित और सुलभ हो गए हैं, जिससे चिकित्सा सेवाएं काफी सुगम और प्रभावी हुई हैं। उन्होंने कहा कि जो सफलताएं कुछ समय पहले तक असंभव प्रतीत होती थीं, वे आज हकीकत हैं और देश के सुदूर गांवों तक हाई-स्पीड इंटरनेट की सेवा उपलब्ध हो चुकी है।
अपने संबोधन के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह नए और आकांक्षी भारत का दौर है, जहां नागरिक अब बुनियादी सुविधाओं से आगे बढ़कर आधुनिक जीवनशैली की मांग कर रहे हैं। जहां बिजली पहुंच गई है, वहां लोग स्मार्ट लाइफस्टाइल चाहते हैं और जहां रेलवे की सुविधा है, वहां तेज रफ्तार कनेक्टिविटी की अपेक्षा है। इसी तरह हाईवे वाले क्षेत्रों में विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे और इंटरनेट पहुंच वाले इलाकों में लोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) व डिजिटल नवाचार में अग्रणी भूमिका चाहते हैं। उन्होंने कहा कि आज वैश्विक परिदृश्य बदल चुका है; अब केवल व्यापार ही काफी नहीं है बल्कि आपसी भरोसा भी बेहद अहम है। ऐसे में विश्व विश्वसनीय सप्लाई चेन और स्थायी सहयोग की तलाश में है, और भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक भरोसेमंद और दीर्घकालिक साझेदार के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।