वर्ल्ड बॉक्सिंग कप 2026 (स्टेज-2) में भारतीय मुक्केबाजी टीम ने प्राची के शानदार नेतृत्व में बेहतरीन खेल दिखाते हुए छह पदक पक्के कर लिए हैं। क्वार्टर फाइनल के दौर में भारतीय मुक्केबाजों ने अपने प्रतिद्वंद्वियों पर शिकंजा कसते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई। यह सफलता वैश्विक खेल पटल पर भारतीय मुक्केबाजी की लगातार बढ़ती ताकत और प्रतिभा के विस्तार को प्रमाणित करती है।
टूर्नामेंट के 57 किलोग्राम भार वर्ग में भारत की प्राची ने एक बड़ा उलटफेर करते हुए पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता चीनी ताइपे की शिह यी वू को परास्त किया। दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला बेहद कड़ा रहा, जिसमें प्राची ने सूझबूझ दिखाते हुए 4-1 से बाजी मारी और सेमीफाइनल में अपनी जगह सुरक्षित की। भारतीय दल के दृष्टिकोण से यह इस प्रतियोगिता की सबसे यादगार जीतों में शामिल हो गई है।
दूसरी ओर, 48 किलोग्राम भार वर्ग की विश्व नंबर-1 महिला मुक्केबाज मीनाक्षी ने इस बार उच्च भार वर्ग (51 किलोग्राम) में उतरने का फैसला किया, जहां उनका दबदबा बरकरार रहा। मीनाक्षी ने कजाकिस्तान की अलुआ बाल्किबेकोवा को 5-0 से एकतरफा शिकस्त देकर अंतिम चार में प्रवेश किया। गौरतलब है कि प्रतियोगिता के चौथे दिन यानी गुरुवार को भी उन्होंने पोलैंड की नतालिया कुक्जेवस्का को 5-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल का सफर तय किया था, और अपनी इसी लय को उन्होंने पदक पक्का करने तक जारी रखा।
पुरुषों के मुकाबलों में भारत के दीपक और निखिल ने भी अपनी श्रेणियों में एकतरफा जीत दर्ज की। 70 किलोग्राम वर्ग में दीपक ने धैर्यपूर्ण खेल का परिचय देते हुए अजरबैजान के नबी इस्गांडारोव को 5-0 से हराया। वहीं, 55 किलोग्राम वर्ग में निखिल ने भी अजरबैजान के मुक्केबाज अमीन मम्मादजादा को 5-0 से शिकस्त देकर सेमीफाइनल का टिकट हासिल किया। इन परिणामों की बदौलत भारत ने प्रतियोगिता में अपने छह पदक सुनिश्चित कर लिए हैं।
इस बीच, भारत को दो श्रेणियों में हार का सामना भी करना पड़ा। महिला वर्ग के 65 किलोग्राम वर्ग में सनेह ने पोलैंड की किंगा क्रोवका के खिलाफ हारने से पहले कड़ा मुकाबला किया, लेकिन उन्हें 0-5 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। इससे पहले चौथे दिन पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में अभिनाश जामवाल भी किर्गिस्तान के मिर्जोखिद इमामनाजरोव से 0-5 से पराजित होकर प्रतियोगिता से बाहर हो गए थे, जिससे इन दोनों खिलाड़ियों का अभियान यहीं थम गया।
कुल मिलाकर, इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में कई भारतीय मुक्केबाजों के सेमीफाइनल तक पहुंचने से टीम का मनोबल काफी ऊंचा है। अलग-अलग भार वर्गों में मिले इन शानदार नतीजों के बाद अब भारतीय मुक्केबाजी दल की निगाहें अंतिम दौर की बाधाओं को पार कर स्वर्ण पदक हासिल करने पर टिकी हुई हैं।