ईरान ने शुक्रवार को होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) से होकर गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों के लिए एक नई गाइडलाइन जारी की है, जिसके तहत अब जहाजों का पूर्व-पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। वैश्विक व्यापार के इस अत्यंत संवेदनशील समुद्री मार्ग में प्रवेश करने से पहले सभी जहाजों को आवश्यक परमिट और बीमा हासिल करना होगा। यह निर्णय अमेरिका और ईरान के बीच हुए हालिया समझौते के बाद इस जलमार्ग को दोबारा खोले जाने के तुरंत बाद सामने आया है।
इन नए नियमों को ईरान द्वारा नवनिर्मित ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ (पीजीएसए) ने जारी किया है। इस विशेष संस्था का गठन वॉशिंगटन और तेहरान के मध्य हुए द्विपक्षीय समझौते के प्रावधानों के तहत किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य पिछले तीन महीनों से अधिक समय से जारी गतिरोध और संघर्ष के बाद इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से वाणिज्यिक जहाजों के आवागमन को एक बार फिर सुचारू रूप से बहाल करना है।
संस्था द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इन कड़े नियमों को लागू करने का मुख्य ध्येय होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों की सुरक्षा को चाक-चौबंद करना है। उल्लेखनीय है कि यह समुद्री मार्ग दुनिया के कुल तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) व्यापार के लगभग 20 प्रतिशत (एक-पांचवें) हिस्से की आपूर्ति के लिए उपयोग किया जाता है, जिससे इसका रणनीतिक महत्व बेहद बढ़ जाता है।
पीजीएसए ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने और संबंधित अधिकारियों से आवश्यक निर्देश प्राप्त होने के बाद यह व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके तहत होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले सभी जहाजों को सूचित किया गया है कि निर्धारित अवधि के दौरान केवल उन्हीं जहाजों को मार्ग से जाने दिया जाएगा, जो तय नियमों का पालन करते हुए अपनी यात्रा की अनुमति के लिए पहले आवेदन दाखिल करेंगे।
संशोधित नियमों के मुताबिक, सभी जहाज मालिकों और ऑपरेटरों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे होर्मुज स्ट्रेट की सीमा में दाखिल होने से कम से कम 48 घंटे पहले अपनी यात्रा की मंजूरी के लिए आवेदन प्रस्तुत कर दें। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि प्रवेश और निकास के समय किसी भी प्रकार के विलंब अथवा बाधा से बचने के लिए जहाजों को अपनी यात्रा का पूरा विवरण पहले से ही साझा करना होगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस संबंध में अतिरिक्त विवरण देते हुए प्राधिकरण ने बताया कि यात्रा की अंतिम स्वीकृति मिलने से पहले संबंधित परमिट और इंश्योरेंस की कॉपियां जमा करनी होंगी। इसके साथ ही, संघर्ष के बाद संभावित बारूदी सुरंगों (माइंस) या अन्य सुरक्षा खतरों वाले क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए जहाजों को केवल ईरानी अधिकारियों द्वारा निर्धारित शिपिंग कॉरिडोर का ही उपयोग करना होगा। अथॉरिटी ने कड़े शब्दों में सचेत किया है कि नियमों का उल्लंघन करने की स्थिति में उत्पन्न होने वाले किसी भी नुकसान की पूरी जवाबदेही जहाज मालिकों की होगी।