रिलायंस AGM: जियो प्लेटफॉर्म्स के मेगा IPO के लिए सेबी में दस्तावेज जमा, मुकेश अंबानी ने किया यूरोप और अफ्रीका के बाजारों में विस्तार का एलान

रिलायंस AGM: जियो प्लेटफॉर्म्स के मेगा IPO के लिए सेबी में दस्तावेज जमा, मुकेश अंबानी ने किया यूरोप और अफ्रीका के बाजारों में विस्तार का एलान

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की 49वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) शुक्रवार, 19 जून को संपन्न हुई, जिसमें कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने करीब 44 लाख शेयरधारकों को संबोधित करते हुए जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO लाने और वैश्विक बाजारों में विस्तार की बड़ी घोषणाएं कीं। इस दौरान वैश्विक स्तर पर पैर पसारने की योजना के तहत कंपनी ने यूरोप और अफ्रीका के बाजारों में प्रवेश करने की पुष्टि की। चेयरमैन ने बताया कि इस बहुप्रतीक्षित सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए 19 जून को ही बाजार नियामक सेबी (SEBI) के समक्ष ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर दिया गया है।

इस बड़े कदम के तहत कंपनी बाजार में 27 करोड़ नए शेयर जारी करने जा रही है, जिसके माध्यम से लगभग 4 बिलियन डॉलर यानी ₹37,700 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। वित्तीय विश्लेषकों के अनुसार, यह भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ साबित हो सकता है। हालांकि, निवेशकों को आकर्षित करने वाले इन शेयरों की कीमत का खुलासा अभी नहीं किया गया है। गौर करने वाली बात है कि इस मेगा IPO की घोषणा पिछले साल की वार्षिक बैठक में ही की गई थी, परंतु पश्चिम एशिया में उपजे भू-राजनीतिक संकट और युद्ध की परिस्थितियों के कारण इसे कुछ समय के लिए टालना पड़ा था।

कॉरपोरेट घोषणाओं के साथ-साथ रिलायंस ने सामाजिक और पर्यावरण विकास से जुड़े कदमों को भी रेखांकित किया। इसके तहत रिलायंस फाउंडेशन द्वारा देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में ‘कोस्टल गार्डन’ नामक एक विस्तृत अर्बन ग्रीन सेंक्चुरी (शहरी हरित अभयारण्य) परियोजना की स्थापना की जाएगी। इसके अतिरिक्त, मुंबई में ही करीब 410 एकड़ क्षेत्र में एक वैश्विक स्तर के विश्वविद्यालय के निर्माण को महाराष्ट्र सरकार की मंजूरी मिल चुकी है। वन्यजीवों के संरक्षण, देखभाल और पशु चिकित्सा के क्षेत्र में उच्च स्तरीय विशेषज्ञ शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ‘वनतारा यूनिवर्सिटी’ की शुरुआत करने की घोषणा भी इस बैठक में की गई।

जियो के कारोबारी लक्ष्यों को स्पष्ट करते हुए प्रबंधन ने पांच प्रमुख प्राथमिकताओं को साझा किया। जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद जहां एक तरफ सेबी में कागजात जमा हो चुके हैं, वहीं दूसरी तरफ कंपनी ने साल 2030 तक देश के सभी उपभोक्ताओं को 5G नेटवर्क से जोड़ने का महत्वकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इसके साथ ही देश में भविष्य की 6G तकनीक पर भी अनुसंधान कार्य शुरू कर दिया गया है। स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जियो भारतीय भाषाओं पर आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का विकास कर रहा है, ताकि आम नागरिकों को बेहद किफायती दरों पर एआई की सुविधाएं मिल सकें। साथ ही, जियो एयरफाइबर और ब्रॉडबैंड सेवाओं के तीव्र विस्तार के जरिए देश के अधिकतम घरों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने और इन घरेलू तकनीकों को विदेशों में निर्यात करने की रणनीति पर मुहर लगाई गई है।

डिजिटल नेटवर्क के विस्तार पर प्रकाश डालते हुए जियो के प्रमुख आकाश अंबानी ने बताया कि वर्तमान में जियो के उपभोक्ताओं की संख्या 52.4 करोड़ के पार पहुंच गई है, जिसमें से 1.3 करोड़ से अधिक परिवार जियो एयरफाइबर का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि कंपनी भारत के लिए अपना स्वतंत्र सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क तैयार करने पर काम कर रही है, जिसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की सैटेलाइट कंपनियों से रणनीतिक साझेदारियां की जा रही हैं। उन्होंने एआई एजेंट्स के कुशल संचालन के लिए ‘जियो टेलीफ्रेम’ प्लेटफॉर्म को पेश करने और जियो होम्स के जरिए घरों में 5 Gbps डाउनलोड व 1 Gbps अपलोड जैसी अत्याधुनिक ब्रॉडबैंड स्पीड मुहैया कराने की योजना की भी जानकारी दी।

रिटेल और एनर्जी सेक्टर के प्रदर्शन पर बात करते हुए ईशा अंबानी और अनंत अंबानी ने महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए। ईशा अंबानी ने बताया कि रिलायंस रिटेल के पंजीकृत ग्राहकों की संख्या बढ़कर 38.7 करोड़ हो गई है और वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का राजस्व 11.8% की सालाना वृद्धि के साथ 3.70 लाख करोड़ रुपए दर्ज किया गया। पिछले वित्तीय वर्ष में कंपनी ने कुल 1.93 अरब ट्रांजैक्शन दर्ज किए, जो पिछले साल से 39% अधिक हैं। वहीं, कंपनी के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने आश्वस्त किया कि पश्चिम एशिया के संकट के बावजूद मजबूत लॉजिस्टिक्स और विविध आपूर्ति तंत्र के कारण कंपनी की रिफाइनरी पूरी क्षमता से कार्य करती रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि एलएनजी आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में घरेलू गैस को आवश्यक क्षेत्रों में डायवर्ट किया गया और तेल-गैस खोज (E&P) के नए अवसरों पर काम जारी है।

मुकेश अंबानी ने मुंबई मुख्यालय वाली अपनी इस टेक विंग की महत्ता पर जोर देते हुए कहा:

“जियो की यह लिस्टिंग पूरी दुनिया के सामने यह साबित करेगी कि भारत वैश्विक स्तर, वैश्विक क्षमता और वैश्विक मूल्य वाली अग्रणी टेक्नोलॉजी कंपनियों का निर्माण करने में पूरी तरह सक्षम है।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *