अमेरिका और ईरान के शीर्ष राजनयिकों के बीच स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में रविवार देर रात तक द्विपक्षीय बातचीत का दौर चलता रहा। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की अगुवाई में शुरू हुई इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) में सुरक्षा और लेबनान में अस्थिर संघर्ष विराम से जुड़ी चुनौतियों का समाधान खोजना है। अमेरिकी प्रशासन ने वार्ता के सकारात्मक रुख पर भरोसा जताते हुए कहा है कि दोनों देश जटिल मुद्दों को सुलझाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
लेक ल्यूसर्न के निकट आयोजित इस बैठक के शुरुआती चरण को लेकर उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने काफी उम्मीदें जताई हैं। उन्होंने बैठक स्थल पर प्रवेश करने से पहले मीडिया से बात करते हुए कहा कि शुरुआती कुछ घंटों के भीतर ही दोनों पक्षों ने उल्लेखनीय प्रगति हासिल कर ली है। उपराष्ट्रपति ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में बातचीत को और अधिक ठोस दिशा दी जा सकेगी। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह बातचीत इस सप्ताह की शुरुआत में हुए दोनों देशों के आपसी समझौते को आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिकों द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल स्विट्जरलैंड पहुंचने के बाद से ही बिना किसी रुकावट के वार्ता में जुटा हुआ है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि उपराष्ट्रपति रविवार सुबह 6 बजे ही आयोजन स्थल पर पहुंच गए थे, जिसके बाद से दोनों देशों के बीच बैठकों का सिलसिला लगातार जारी है। अमेरिकी पक्ष ने उन तमाम अपवाहों और मीडिया रिपोर्टों का पूरी तरह खंडन किया है, जिनमें यह दावा किया जा रहा था कि ईरानी दल बातचीत बीच में ही छोड़कर वापस चला गया है। प्रशासन ने इन खबरों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल बैठक में मौजूद है और रातभर चर्चा जारी रहने की उम्मीद है।
इस महत्वपूर्ण वार्ता के एजेंडे में मुख्य रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान के विरोधाभासी बयानों पर स्थिति स्पष्ट करना शामिल है। वरिष्ठ राजनयिक ने बताया कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित और खुला रखने के लिए एक स्थायी विवाद निपटान तंत्र (मैकेनिज्म) तैयार करने पर गंभीर मंथन हो रहा है। इसके साथ ही, लेबनान में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच भड़की ताजा हिंसा के बाद उपजे क्षेत्रीय संकट पर भी विस्तृत चर्चा हुई। अमेरिकी दल ने दक्षिणी लेबनान में तनाव कम करने और सीजफायर को प्रभावी ढंग से लागू करने की कार्ययोजना पर बात की है।
लेबनान की मौजूदा स्थिति और सुरक्षा चुनौतियों पर बात करते हुए उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा कि मतभेदों के बावजूद वे क्षेत्र में स्थिरता लाने के प्रयासों को लेकर आशान्वित हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि लक्ष्य तक पहुंचने के रास्तों को लेकर दोनों पक्षों में असहमति हो सकती है, लेकिन अब तक की प्रगति संतोषजनक है और बचे हुए मुद्दों को सुलझाने के लिए प्रयास जारी रहेंगे। इसके अलावा, परमाणु कार्यक्रम के मुख्य विषय पर भी दोनों पक्षों के बीच विस्तृत बातचीत हुई है। अमेरिकी बयान के अनुसार, परमाणु समझौते के सभी पहलुओं पर सकारात्मक चर्चा हुई है, जिसे आगामी तकनीकी वार्ताओं के लिए एक मजबूत आधार माना जा रहा है।