लोकभवन में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योगाभ्यास, राज्यपाल बोले— स्वस्थ समाज की आधारशिला है योग

लोकभवन में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योगाभ्यास, राज्यपाल बोले— स्वस्थ समाज की आधारशिला है योग

रविवार को लोकभवन में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश के नाम संबोधन का लाइव प्रसारण किया गया। इस मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत से पहले प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल का एक वीडियो संदेश भी प्रसारित किया गया। इस विशिष्ट आयोजन के दौरान राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने योग गुरु राजीव जैन त्रिलोकी को फूलों का गुलदस्ता और प्रशस्ति-पत्र सौंपकर सम्मानित किया।

अपने वीडियो संदेश के माध्यम से राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने राज्य के सभी नागरिकों को योग दिवस की बधाई दी। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि योग हमारे देश की प्राचीन ऋषि परंपरा और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का एक अनमोल हिस्सा है, जिसे आज पूरी दुनिया ने सहर्ष स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि इस साल का मुख्य विषय “योग फॉर हेल्दी एजिंग” रखा गया है, जिसका उद्देश्य बढ़ती उम्र में भी लोगों को शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से आत्मनिर्भर और सक्रिय बनाए रखना है।

राज्यपाल ने अपने संदेश में आगे स्पष्ट किया कि योग को मात्र एक शारीरिक कसरत समझना सही नहीं है, बल्कि यह शरीर, मस्तिष्क, बुद्धि और अंतरात्मा के बीच तालमेल बिठाने का एक संपूर्ण वैज्ञानिक तरीका है। आज की तनावभरी जिंदगी और असंतुलित दिनचर्या के बीच यह मानसिक शांति और इम्युनिटी बढ़ाने का एक कारगर उपाय साबित हुआ है। कोरोना महामारी के दौर ने भी हमें यह सिखाया है कि सेहत ही सबसे बड़ी पूंजी है और एक सेहतमंद समाज की नींव योग पर ही टिकी है। उन्होंने कहा कि योग और आयुर्वेद को समाज के सबसे निचले तबके तक पहुंचाने के लिए वेलनेस सेंटर खोले जा रहे हैं, साथ ही स्कूलों और कॉलेजों में भी इसे बढ़ावा दिया जा रहा है।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने जनता से अपील की कि योग को किसी एक दिन तक सीमित न रखकर रोजाना की आदत में शामिल करें। हर दिन महज 20 से 30 मिनट का योग पूरे परिवार और समाज में बड़ा सकारात्मक बदलाव ला सकता है। उन्होंने युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों से देश को मजबूत और स्वस्थ बनाने में अपनी भागीदारी निभाने का आग्रह किया।

इस दौरान लोकभवन में प्रार्थना और ओम के उच्चारण के साथ योग सत्र की शुरुआत की गई। शुरुआती चरण में हिस्सा लेने वाले लोगों ने गर्दन, कंधे, हाथ और घुटनों को गतिशील करने वाले सूक्ष्म व्यायाम किए। इसके बाद मुख्य सत्र में ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, वक्रासन, शशांकासन, भुजंगासन, शलभासन, मकरासन, सेतुबंधासन और पवनमुक्तासन जैसे महत्वपूर्ण आसनों का अभ्यास किया गया।

शारीरिक ऊर्जा और मानसिक एकाग्रता को बढ़ाने के लिए कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को कपालभाति, अनुलोम-विलोम (नाड़ीशोधन) और भ्रामरी प्राणायाम भी कराया गया। अंत में ध्यान और शांति पाठ के साथ इस सत्र का समापन हुआ। लोकभवन के अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिजनों ने इस पूरे 50 मिनट के सत्र में बेहद उत्साह के साथ भाग लिया।

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