भारत-ब्रिटेन ऐतिहासिक व्यापार समझौते से पहले केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का तीन दिवसीय लंदन दौरा शुरू

भारत-ब्रिटेन ऐतिहासिक व्यापार समझौते से पहले केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का तीन दिवसीय लंदन दौरा शुरू

नई दिल्ली में जारी एक आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 25 से 27 जून 2026 तक यूनाइटेड किंगडम (यूके) की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। यह उच्चस्तरीय दौरा आगामी 15 जुलाई 2026 से प्रभावी होने जा रहे भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) और डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन (डीसीसी) की तैयारियों की समीक्षा के उद्देश्य से किया जा रहा है। इस यात्रा को दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच वाणिज्यिक संबंधों को एक नया आयाम देने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

लंदन प्रवास के दौरान केंद्रीय मंत्री गोयल ब्रिटेन के बिजनेस एंड ट्रेड सचिव पीटर काइल के साथ एक विशेष द्विपक्षीय वार्ता का नेतृत्व करेंगे। इस बैठक का मुख्य एजेंडा सीईटीए और डीसीसी के सुचारू कार्यान्वयन के लिए प्रशासनिक रूपरेखा को अंतिम रूप देना और आपसी नियामक बाधाओं को दूर करना है। इस वार्ता के माध्यम से सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को आसान बनाने और दोनों देशों के बीच व्यावसायिक गतिविधियों को गति देने के लिए आवश्यक प्रबंधों पर सहमति बनाई जाएगी।

इस द्विपक्षीय बातचीत में सीईटीए के तहत लागू होने वाले टैरिफ उदारीकरण (सीमा शुल्क में कटौती) के रोडमैप पर भी विचार-विमर्श होगा। इससे भारतीय निर्यातकों को ब्रिटिश बाजारों में अपने उत्पादों को पहुंचाने के लिए बड़े अवसर मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही, डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन (डीसीसी) के क्रियान्वयन को लेकर भी रणनीति तय की जाएगी, जिससे विदेश में काम करने वाले अस्थायी कर्मचारियों को दोहरे सामाजिक सुरक्षा अंशदान की अनिवार्यता से राहत मिलेगी और पेशेवरों की वैश्विक आवाजाही सुगम होगी।

इस आधिकारिक दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री कई महत्वपूर्ण गवर्नमेंट-टू-बिजनेस (जीटूबी) सम्मेलनों में सम्मिलित होंगे। वह इंडिया ग्लोबल फोरम (आईजीएफ) के उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में हिस्सा लेंगे, जहाँ उनका संबोधन “कैपिटल, इनोवेशन एंड द यूके-इंडिया मोमेंट” विषय पर केंद्रित होगा। इस सत्र में दोनों देशों के कॉरपोरेट जगत के प्रतिनिधि नए मुक्त व्यापार समझौते के बाद वैश्विक व्यापार परिदृश्य में उभरते अवसरों पर संवाद करेंगे।

अपनी यात्रा के क्रम में पीयूष गोयल रोल्स-रॉयस और एचएसबीसी (ग्लोबल ट्रेड सॉल्यूशंस) जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के शीर्ष नीति-निर्माताओं के साथ विशेष बैठकें करेंगे। इन वार्ताओं का मुख्य फोकस भारत में विनिर्माण क्षमताओं का विस्तार, रणनीतिक निवेश और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देना होगा। इसके अलावा, वह यूके-इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूकेआईबीसी) द्वारा आयोजित एक व्यावसायिक सत्र और लंच कार्यक्रम में शामिल होंगे, जिसमें टाटा समूह, टीसीएस, प्रूडेंशियल, डी बीयर्स और बेकर मैकेंजी जैसी प्रमुख वैश्विक कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे।

वैश्विक निवेशकों के साथ आर्थिक संबंधों को प्रगाढ़ करने के लिए वाणिज्य मंत्री लंदन में एशिया हाउस द्वारा आयोजित एक विशेष गोलमेज बैठक की अध्यक्षता भी करेंगे। इस चर्चा में जेपी मॉर्गन, स्टैंडर्ड चार्टर्ड, लॉयड्स, मॉर्गन स्टेनली और अरुप जैसी दिग्गज अंतरराष्ट्रीय वित्तीय और बुनियादी ढांचा संस्थाओं के अधिकारी शामिल होंगे, जहाँ भारत की औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) में उसकी भूमिका पर मंथन किया जाएगा। यह पूरी कवायद वर्ष 2030 तक दोनों देशों के द्विपक्षीय व्यापार को 120 अरब डॉलर तक पहुंचाने के साझा लक्ष्य को पूरा करने में मददगार साबित होगी।

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