होर्मुज जलडमरू मध्य में जहाजों की आवाजाही को लेकर ईरान की चेतावनी, तय समुद्री मार्गों के पालन का निर्देश

होर्मुज जलडमरू मध्य में जहाजों की आवाजाही को लेकर ईरान की चेतावनी, तय समुद्री मार्गों के पालन का निर्देश

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने गुरुवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर होर्मुज स्ट्रेट (जलडमरू मध्य) से गुजरने वाले जहाजों के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आईआरजीसी की नौसेना ने स्पष्ट किया है कि इस क्षेत्र से केवल उन्हीं व्यापारिक जहाजों को निकलने की अनुमति होगी जो ईरानी प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्गों का उपयोग करेंगे। यह घोषणा ओमान के मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर द्वारा अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) के सहयोग से जहाजों की निकासी के लिए जारी गाइडलाइंस के बाद सामने आई है।

आईआरजीसी की आधिकारिक समाचार वेबसाइट ‘सेपाह न्यूज’ पर जारी इस बयान में समुद्री यातायात को लेकर सख्त रुख अपनाया गया है। नौसेना ने चेतावनी दी है कि ईरान द्वारा घोषित किए गए रास्तों के अलावा किसी भी अन्य मार्ग से जहाजों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित है। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बयान में कहा गया है कि इन तय रास्तों से भटकना जहाजों के लिए बेहद जोखिम भरा साबित हो सकता है, इसलिए सभी संबंधित पक्ष अनिवार्य रूप से इन नियमों का पालन करें।

यह घटनाक्रम ईरान और अमेरिका के बीच बीते 18 जून को हुए उस समझौते की पृष्ठभूमि में आया है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच संघर्ष को समाप्त करना था। इस द्विपक्षीय समझौते के प्रावधानों के तहत ईरान इस बात पर सहमत हुआ था कि वह अगले 60 दिनों तक बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के वाणिज्यिक जहाजों को इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से सुरक्षित गुजरने की सुविधा प्रदान करेगा।

इसी सिलसिले में मंगलवार को ईरान और ओमान की सरकारों ने एक साझा बयान भी जारी किया था। इस बयान के अनुसार, दोनों देशों ने होर्मुज स्ट्रेट में भविष्य के समुद्री यातायात प्रबंधन पर चर्चा करने के लिए एक ‘संयुक्त कार्य समूह’ के गठन का फैसला किया है। इसके साथ ही दोनों पड़ोसी देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे में रहते हुए जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के अपने संकल्प को दोहराया है।

दूसरी ओर, इस क्षेत्र में पैदा हुए संकट के बीच अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) ने होर्मुज स्ट्रेट में फंसे 11,000 से अधिक नाविकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एक रेस्क्यू प्लान की घोषणा की है। आईएमओ के महासचिव आर्सेनियो डोमिंग्वेज ने मंगलवार को इस योजना की पुष्टि करते हुए बताया कि संगठन को इसके लिए आवश्यक सुरक्षा मंजूरियां मिल चुकी हैं और निकासी के लिए चिन्हित किए गए समुद्री रास्तों की सुरक्षा की जांच भी पूरी कर ली गई है। उन्होंने साफ किया कि यह बचाव अभियान ईरान-अमेरिका समझौते के बाद ही संभव हो सका है, जिसे ओमान, ईरान, क्षेत्रीय देशों और वैश्विक समुद्री उद्योग के साझा सहयोग से पूरा किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *