उज्जैन के बड़नगर थाना इलाके में बीती 24 जून को पुलिस की आपातकालीन सेवा डायल-112 के जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक पांच वर्षीय भटके हुए बालक को सुरक्षित उसकी मां की गोद में पहुँचा दिया। भोपाल स्थित राज्य पुलिस कंट्रोल रूम को व्यास कॉलोनी में एक लावारिस बच्चे के घूमने की सूचना मिली थी, जिसके तुरंत बाद स्थानीय पुलिस रिस्पॉन्स टीम ने सक्रिय होकर इस रेस्क्यू को अंजाम दिया। समय पर मिली इस पुलिस सहायता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया और बच्चा सुरक्षित घर लौट सका।
इस संबंध में विस्तृत विवरण देते हुए अधिकारियों ने बताया कि 24 जून को भोपाल स्थित राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 को व्यास कॉलोनी के एक नागरिक ने सूचित किया था कि वहां एक छोटा बच्चा अकेले घूम रहा है और अपना पता बताने में असमर्थ है। इस इनपुट को तुरंत बड़नगर पुलिस के साथ साझा किया गया, जिसके बाद क्षेत्र में गश्त कर रही डायल-112 की गाड़ी को अविलंब निर्दिष्ट स्थान की ओर मोड़ दिया गया।
मोर्चे पर पहुँचे डायल-112 के आरक्षक राकेश और पायलट नरेंद्र ने सूझबूझ का परिचय देते हुए घबराए हुए बच्चे को अपने संरक्षण में लिया और उसे ढांढस बंधाया। इसके बाद टीम ने बच्चे को गाड़ी में साथ लेकर व्यास कॉलोनी और उसके आसपास के क्षेत्रों में सघन पूछताछ अभियान चलाया। स्थानीय स्तर पर सूचना को तेजी से फैलाने के लिए पुलिसकर्मियों ने बालक की तस्वीर और विवरण क्षेत्रीय व्हाट्सएप ग्रुप्स में भी शेयर किए।
सोशल मीडिया और जमीनी स्तर पर की गई इस मुनादी का परिणाम यह हुआ कि कुछ ही देर में बच्चे के परेशान परिजन बड़नगर थाने तक पहुँच गए। पुलिस अधिकारियों ने तय प्रोटोकॉल के तहत उचित पहचान पत्र देखने और आवश्यक सत्यापन करने के बाद ही बच्चे को उसके माता-पिता के हवाले किया।
परिजनों ने बाद में पुलिस को बताया कि बच्चा घर के आंगन में खेल रहा था, तभी वह अचानक बाहर निकल गया और सड़कों पर दिशा भ्रम का शिकार हो गया। अपने बच्चे को सुरक्षित और स्वस्थ पाकर भावुक हुए परिजनों ने मौके पर मौजूद डायल-112 के जवानों की कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की और धन्यवाद ज्ञापित किया।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, ‘डायल-112 हीरोज’ की यह बानगी स्पष्ट करती है कि यह सरकारी हेल्पलाइन महज एक कानून-व्यवस्था बनाए रखने का तंत्र नहीं है। यह सेवा संकट के समय आम जनता और मासूम बच्चों के लिए एक संवेदनशील मददगार के रूप में निरंतर अपनी सेवाएं दे रही है।