एपल कंपनी ने मेमोरी और स्टोरेज चिप्स की बढ़ती लागत का हवाला देते हुए गुरुवार को अमेरिकी बाजार में अपने आईपैड और मैकबुक की कीमतों में $300 तक का इजाफा कर दिया है। अमेरिकी बाजार में हुई इस बढ़ोतरी का सीधा असर भारतीय उपभोक्ताओं पर भी पड़ा है, जहां इन प्रीमियम डिवाइसेज के दाम ₹1 लाख तक बढ़ा दिए गए हैं।
इस मूल्य वृद्धि के पीछे वैश्विक स्तर पर तेजी से विकसित हो रही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंडस्ट्री को मुख्य कारण बताया जा रहा है। कंपनी के मुताबिक, एआई तकनीक के विस्तार के कारण दुनिया भर में डेटा सेंटर्स का निर्माण बेहद तेज गति से हो रहा है, जिसकी वजह से मेमोरी और स्टोरेज चिप्स की मांग और उत्पादन लागत में भारी उछाल आया है।
एपल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि चिप्स की निर्माण लागत में लगातार हो रही इस बढ़ोतरी का बोझ अब तक कंपनी खुद उठा रही थी। हालांकि, अब लागत का ग्राफ इस स्तर पर पहुंच चुका है कि ग्राहकों को इस बढ़ी हुई कीमतों के सीधे असर से बचा पाना कंपनी के लिए व्यावहारिक रूप से संभव नहीं रह गया है। यही वजह है कि कंपनी को अपने लोकप्रिय गैजेट्स के दाम बढ़ाने का यह सख्त फैसला लेना पड़ा है।