पर्यावरण और जल संरक्षण को जन आंदोलन में बदलें नागरिक: ज्योतिरादित्य सिंधिया

पर्यावरण और जल संरक्षण को जन आंदोलन में बदलें नागरिक: ज्योतिरादित्य सिंधिया

केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को मध्य प्रदेश के गुना संसदीय क्षेत्र के कांजा गांव का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कूनो नदी के उद्गम स्थल पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत 700 पौधे रोपकर देशवासियों से पर्यावरण और जल संवर्धन को एक जन आंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रकृति की रक्षा के लिए अब हर नागरिक को आगे आना होगा।

इस वृक्षारोपण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा महज़ एक सरकारी मुहिम नहीं है, बल्कि यह भविष्य की नस्लों के प्रति हमारा एक बड़ा दायित्व है। उनका मानना है कि जल, जंगल और जमीन की हिफाजत आम जनता की भागीदारी के बिना मुमकिन नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया यह अभियान आज पूरे देश में जन-जन की आवाज बन चुका है, जो न केवल प्रकृति बल्कि मातृत्व के प्रति भी हमारे आदर को दर्शाता है।

अपने इस क्षेत्रीय दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने ग्रामीण विकास को गति देते हुए ग्राम चिनेरा में 17.98 लाख रुपये के बजट से तैयार हुए एक नए चेक डैम का आधिकारिक लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पानी को सहेजने वाले इन ढांचों का निर्माण और पुराने जल स्रोतों का जीर्णोद्धार बेहद जरूरी है। यही प्रयास आने वाले समय में एक सुरक्षित, खुशहाल और आत्मनिर्भर भारत की नींव रखेंगे।

इसके साथ ही, क्षेत्र में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सिंधिया ने खुटियावाड़ में ‘सनगार्नर’ कंपनी के एक आधुनिक सोलर प्लांट की शुरुआत की। लगभग 20 करोड़ रुपये के निवेश से तैयार हुआ यह सौर ऊर्जा संयंत्र 4.5 मेगावाट की क्षमता रखता है। इससे हर साल तकरीबन 75 लाख यूनिट पर्यावरण-अनुकूल और स्वच्छ बिजली का उत्पादन किया जा सकेगा, जो देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता में बड़ा योगदान देगा।

अपने संबोधन के समापन पर केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि एक विकसित राष्ट्र के सपने को साकार करने के लिए आधुनिक प्रगति और प्राकृतिक संतुलन दोनों में तालमेल होना अनिवार्य है। सतत विकास का रास्ता केवल हरियाली बढ़ाकर और जल संवर्धन से ही तय किया जा सकता है। उन्होंने सभी उपस्थित नागरिकों से ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने और उनकी देखभाल करने की जिम्मेदारी उठाने का आग्रह किया।

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