प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अपनी तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर सेशेल्स पहुंच गए हैं, जहां हवाई अड्डे पर वहां के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने उनका बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया। इस विशेष आगमन पर प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति हर्मिनी के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं, भारतीय मूल के लोगों ने भी प्रधानमंत्री की अगवानी में भारी उत्साह दिखाया, जिसके जवाब में पीएम मोदी ने उनसे मुलाकात कर अभिवादन स्वीकार किया।
अपनी इस यात्रा की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी द्वारा किए गए शानदार स्वागत के लिए वे अत्यंत आभारी हैं। पीएम मोदी ने सेशेल्स को हिंद महासागर क्षेत्र का एक बेहद करीबी मित्र और बहुमूल्य समुद्री साझेदार बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह दौरा दोनों देशों के पारंपरिक और पुराने रिश्तों को नई मजबूती देगा और दोनों देशों की जनता के कल्याण के लिए सहयोग के नए रास्ते खोलेगा।
प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर सेशेल्स की पर्यटन और संस्कृति मंत्री अमांडा बर्नस्टीन ने भी भारत के साथ संबंधों पर विशेष जोर दिया। भारतीय पर्यटकों की बढ़ती संख्या और इस दौरे के प्रभाव से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने कहा कि दोनों देश एक ही महासागर को साझा करते हैं और इस क्षेत्र के अहम भागीदार हैं। उन्होंने भौगोलिक निकटता का जिक्र करते हुए कहा कि भारत से सेशेल्स की दूरी महज चार घंटे की है। इसके साथ ही उन्होंने सेशेल्स को वीजा-मुक्त गंतव्य बताते हुए कहा कि भारतीय नागरिकों के लिए यहां आकर क्रियोल संस्कृति को महसूस करने का यह एक बेहतरीन अवसर है, जिस पर भारतीय संस्कृति का गहरा प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है।
प्रधानमंत्री मोदी के इस ऐतिहासिक दौरे के स्वागत में ब्यू वैलोन और विक्टोरिया के प्रमुख स्थलों को पोस्टरों और भारत के तिरंगे झंडे से पूरी तरह सजाया गया है। अपनी रवानगी से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर यह भी साझा किया था कि वे सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल होने के लिए बेहद उत्सुक हैं। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि इस बार का राष्ट्रीय दिवस देश का स्वर्ण जयंती समारोह होने के कारण और भी अधिक ऐतिहासिक और खास है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून 2026 तक सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के विशेष आमंत्रण पर इस राजकीय यात्रा पर रहेंगे, जहां वे राष्ट्रीय दिवस की स्वर्ण जयंती के मुख्य अतिथि के रूप में मंच साझा करेंगे। भारत और सेशेल्स के संबंधों पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सेशेल्स भारत के ‘विजन महासागर’ का एक केंद्रीय स्तंभ और महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी है। दोनों ही राष्ट्र वैश्विक दक्षिण (ग्लोबल साउथ) की प्राथमिकताओं और हितों की वकालत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। पीएम मोदी ने रेखांकित किया कि इस वर्ष दोनों देश अपने राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष भी पूरे कर रहे हैं, जो आपसी विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों, विविधता के सम्मान और जन-केन्द्रित संबंधों पर टिके हैं।
यह महत्वपूर्ण दौरा फरवरी 2026 में सेशेल्स के राष्ट्रपति हर्मिनी की भारत यात्रा के कुछ महीनों के भीतर ही हो रहा है। अपनी इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता का नेतृत्व करेंगे। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री का सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने और वहां रहने वाले भारतीय समुदाय के प्रवासियों के साथ एक विशेष संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लेने का भी कार्यक्रम तय है।