रविवार को मियामी स्टेडियम में खेले गए फुटबॉल वर्ल्ड कप के एक रोमांचक मुकाबले में पुर्तगाल और कोलंबिया की टीमें कोई भी गोल करने में असफल रहीं। ग्रुप-के का यह मैच बिना किसी गोल के बराबरी पर समाप्त हुआ, जिसके साथ ही स्टार खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाली टीम ने टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण के लिए अपनी जगह पक्की कर ली है। मैच के अंतिम क्षणों (इंजरी टाइम) में कोलंबिया के डेविनसन सांचेज ने हेडर के माध्यम से गेंद को नेट में डाल दिया था, परंतु रेफरी ने उसे ऑफ-साइड करार देते हुए गोल मानने से इनकार कर दिया। पुर्तगाली फुटबॉल के इतिहास में यह पहला अवसर है जब विश्व कप का कोई मैच गोल रहित ड्रॉ पर छूटा हो।
मुकाबले की शुरुआत से ही मैदान पर भारी दबाव देखने को मिला। खेल के पहले ही मिनट में लुइस डियाज के एक डिफ्लेक्टेड शॉट पर जॉन कॉर्डोबा ने हेडर के जरिए शानदार प्रयास किया, लेकिन गेंद गोल पोस्ट के ऊपर से गुजर गई। इसके कुछ देर बाद कॉर्डोबा ने ब्रूनो फर्नांडीस को छकाते हुए गोल करने का एक और बेहतरीन अवसर तैयार किया था, मगर पुर्तगाल के गोलकीपर डियोगो कोस्टा ने उनकी इस कोशिश को नाकाम कर दिया।
इस पूरे मैच में पुर्तगाल के गोलकीपर डियोगो कोस्टा अपनी टीम के लिए संकटमोचक बनकर उभरे। उन्होंने विपक्षी टीम के छह बेहद सटीक हमलों का शानदार बचाव करते हुए पुर्तगाल को पिछड़ने से बचाए रखा। मुकाबले के दौरान दोनों ही टीमों के फॉरवर्ड खिलाड़ियों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कुल 36 बार गोल करने के प्रयास किए, लेकिन किसी को भी सफलता हाथ नहीं लगी। गोलपोस्ट के सामने बेहतरीन मुस्तैदी दिखाने वाले डियोगो कोस्टा को उनके इस शानदार प्रदर्शन के लिए ‘सुपीरियर प्लेयर ऑफ द मैच’ के पुरस्कार से नवाजा गया।