रक्षा और विमानन क्षेत्र में भारत की बड़ी कामयाबी, ‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने की देश की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की सराहना

रक्षा और विमानन क्षेत्र में भारत की बड़ी कामयाबी, ‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने की देश की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की सराहना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 135वें संस्करण को संबोधित किया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने देशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि भारत आज जल से लेकर नभ तक पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने रक्षा और विमानन (एविएशन) के क्षेत्र में देश को मिली हालिया सफलताओं का विशेष रूप से उल्लेख किया और बताया कि कैसे भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है।

हाल ही में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा देश में ही विकसित की गई लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल के कामयाब परीक्षण का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताया। इसके साथ ही उन्होंने विमानन क्षेत्र में मिली कामयाबी को रेखांकित करते हुए कहा कि जून महीने में ‘मेड इन इंडिया’ अभियान के अंतर्गत तैयार किए गए C-295 विमान ने अपनी पहली सफल उड़ान को पूरा कर लिया है। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में ऐसे 40 विमानों का निर्माण देश के भीतर ही किया जा रहा है।

वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव और योग की चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इस वर्ष दुनिया भर में 2500 से ज्यादा स्थानों पर योग के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। अहमदाबाद में संपन्न हुई ‘विश्व योगासन चैम्पियनशिप’ में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्होंने बताया कि भारत ने कुल 114 पदक जीतकर तालिका में पहला स्थान हासिल किया है, जिसमें 102 स्वर्ण पदक शामिल हैं।

प्रधानमंत्री ने आर्थिक समझदारी और उनके आग्रह पर देशवासियों द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि कुछ समय पूर्व की गई उनकी अपील, जिसमें उन्होंने सोना न खरीदने, विदेशी दौरों को टालने और कार पूलिंग अपनाने का अनुरोध किया था, को जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है। अनेक परिवारों ने विवाह आयोजनों में नया सोना खरीदने के बजाय पुराने आभूषणों को रीसाइकल करने का निर्णय लिया है, जो इस संकट के समय में सामूहिक प्रयास की मिसाल है।

पूर्वोत्तर राज्यों की प्रेरणादायक कहानियों को साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने असम, मेघालय और नगालैंड का उल्लेख किया। असम में दुर्लभ ‘हरगिला’ पक्षी के संरक्षण में जीव-वैज्ञानिक पूर्णिमा देवी बर्मन और ग्रामीण महिलाओं की ‘हरगिला आर्मी’ के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि कैसे वैज्ञानिक समझ से अंधविश्वास को दूर कर एक शुभ बदलाव लाया गया। वहीं, मेघालय के पारंपरिक ‘रूट ब्रिज’ (जीवित जड़ों के पुल) को देश की अनूठी धरोहर बताते हुए उन्होंने कहा कि इसे यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर स्थल नेटवर्क में शामिल कराने के लिए आवेदन किया गया है। नगालैंड से उन्होंने बच्चों की ‘बेबी लीग’ और महिलाओं की ‘फुटसल लीग’ का उदाहरण देते हुए खेल के माध्यम से व्यक्तित्व विकास की बात कही।

देश के अन्य राज्यों की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के नांदेड़ में एक परिवार द्वारा विवाह के उपलक्ष्य में साढ़े तीन हजार ग्रामीणों का एक-एक लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कराने के परोपकारी कार्य की सराहना की। इसके बाद उन्होंने बिहार के नालंदा विश्वविद्यालय द्वारा दीक्षांत समारोह में शास्त्रार्थ की प्राचीन परंपरा को पुनर्जीवित करने और दिल्ली की सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी द्वारा एआई और डेटा साइंस में बी-टेक कोर्स शुरू करने के आधुनिक कदम की सराहना की। उन्होंने मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में महिलाओं द्वारा प्लास्टिक कचरे से इको-ब्रिक्स बनाने के पर्यावरण-अनुकूल कार्य का भी जिक्र किया। अंत में, उन्होंने आगामी त्योहारों के मद्देनजर देशवासियों से अपील की कि वे केवल स्थानीय कुम्हारों द्वारा बनाई गई मिट्टी की गणेश मूर्तियां ही खरीदें और पीओपी (प्लास्टर ऑफ पेरिस) व विदेशी मूर्तियों से परहेज करें।

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