उत्तर भारत में प्री-मानसून की दस्तक से कहीं राहत तो कहीं आफत, असम और अरुणाचल में बाढ़ से जनजीवन प्रभावित

उत्तर भारत में प्री-मानसून की दस्तक से कहीं राहत तो कहीं आफत, असम और अरुणाचल में बाढ़ से जनजीवन प्रभावित

देश के चार प्रमुख राज्यों—राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में प्री-मानसून की बारिश का दौर जारी है। इसके विपरीत, छह अन्य राज्यों में भीषण गर्मी का प्रकोप बना हुआ है, जहाँ हरियाणा और दिल्ली में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है। उत्तर प्रदेश में मानसून के आगमन के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बन चुकी हैं, जिसके प्रभाव से सोमवार को राजधानी लखनऊ सहित 15 जिलों में भारी वर्षा दर्ज की गई। मिर्जापुर में इस बारिश के कारण एक अंडरपास में करीब तीन फीट तक जलजमाव हो गया। इस मौसमी बदलाव के बीच फिरोजाबाद के एक गांव में नीम का पेड़ ई-रिक्शा पर गिरने से 5 लोगों की मृत्यु हो गई और 2 अन्य घायल हो गए। इसके अतिरिक्त, बस्ती और महराजगंज में आकाशीय बिजली गिरने से 2 लोगों की जान चली गई। बिहार के भी 15 जिलों में सोमवार को तेज आंधी के साथ पानी गिरा, जहाँ सीतामढ़ी, मुंगेर और पटना में वज्रपात की चपेट में आने से 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 24 अन्य झुलस गए।

पूर्वोत्तर भारत के असम और अरुणाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। अरुणाचल प्रदेश में भारी वर्षा के चलते लेकू नदी का जलस्तर अत्यधिक बढ़ गया है, जिसका सीधा असर असम के जोनाई क्षेत्र पर पड़ा है और वहाँ भीषण बाढ़ आ गई है। इस जलभराव के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-515 पूरी तरह पानी में डूब गया है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा से राज्य के छह जिलों में 22 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। इसमें सबसे गंभीर स्थिति धेमाजी जिले की है, जहाँ लगभग 16 हजार लोग संकट में हैं। बाढ़ के पानी में 96 गांव जलमग्न हो चुके हैं, जिससे करीब 1690 हेक्टेयर क्षेत्र में लगी फसलें बर्बाद हो गई हैं और 48 हजार से ज्यादा मवेशी प्रभावित हुए हैं।

दूसरी ओर, देश के छह राज्यों में गर्मी की तीव्रता बरकरार है और पारा 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर दर्ज किया जा रहा है। बुधवार को मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और गुजरात के अनेक शहरों में अत्यधिक तापमान दर्ज किया गया। समूचे देश में सर्वाधिक तापमान हरियाणा के रोहतक में 43.5 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, दिल्ली में 43.4 डिग्री सेल्सियस, उत्तर प्रदेश के बांदा में 43.2 डिग्री सेल्सियस, मध्य प्रदेश के खजुराहो में 41.2 डिग्री सेल्सियस, पंजाब के आनंदपुर साहिब में 40.6 डिग्री सेल्सियस और गुजरात के सुरेंद्रनगर में 40.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी 1 जुलाई को छत्तीसगढ़, तेलंगाना, ओडिशा, केरल, गोवा, तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी वर्षा होने की संभावना है। इसी दिन बिहार में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है, जबकि मध्य प्रदेश, ओडिशा, पूर्वी राजस्थान और तमिलनाडु में तीव्र हवाएं चलने की उम्मीद है। राजस्थान में भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने वाली हवाओं के साथ बारिश का अनुमान जताया गया है, हालांकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू (हीटवेव) का असर बना रहेगा। इसके बाद 2 जुलाई को आंध्र प्रदेश, झारखंड और ओडिशा में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के चुनिंदा हिस्सों में मूसलाधार बारिश जारी रहेगी, जबकि सिक्किम, गोवा, तेलंगाना और कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के नागपुर-अमरावती क्षेत्रों में लगातार पांचवें दिन लू का अलर्ट रहेगा।

प्रादेशिक स्तर पर मौसम की बात करें तो मध्य प्रदेश के बैतूल और छिंदवाड़ा सहित 50 जिलों में आज भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। इनमें से पांच जिलों—बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में 100 मिलीमीटर तक पानी गिरने की आशंका है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 2 जुलाई से एक नई मौसमी प्रणाली सक्रिय हो रही है, जिससे बारिश की गतिविधियों में और तेजी आएगी। उत्तर प्रदेश में भी मानसून के प्रवेश के लिए मौसमी सिस्टम पूरी तरह एक्टिव है और मंगलवार सुबह से अधिकांश शहरों में घने बादल छाए हुए हैं। अयोध्या, गोरखपुर, बरेली, रामपुर और मुरादाबाद में रुक-रुक कर वर्षा हो रही है। आज राज्य के सभी 75 जिलों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, और अगले 24 घंटों के भीतर मानसून राज्य में कभी भी दस्तक दे सकता है।

राजस्थान में प्री-मानसून की सक्रियता के चलते आज 26 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी दी गई है, किंतु इसके समानांतर राज्य में तीव्र गर्मी का प्रभाव भी बना हुआ है। जून के अंतिम दिनों में भी दिन का पारा 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया जा रहा है, जिसका सबसे ज्यादा असर जोधपुर, बीकानेर और श्रीगंगानगर जिलों में देखा जा रहा है। उधर बिहार में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और अधिकांश हिस्सों में बादलों का डेरा है। मौसम विभाग ने आज सूबे के 27 जिलों में बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जहाँ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। सोमवार को राज्य में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में सीतामढ़ी के 2 लोगों सहित कुल 4 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि दो दर्जन से अधिक लोग झुलस गए थे।

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