भारत और इंडोनेशिया के तटरक्षक बल (कोस्ट गार्ड) अब हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए साझा तौर पर अभियान चलाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जकार्ता में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ आयोजित एक संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान इस महत्वपूर्ण निर्णय की आधिकारिक घोषणा की। दोनों शीर्ष नेताओं के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद, पीएम मोदी ने बताया कि दोनों देश रक्षा सहयोग, आपदा प्रबंधन और औद्योगिक क्षेत्रों में आपसी भागीदारी को और अधिक विस्तार देने के लिए पूरी तरह सहमत हो गए हैं। इस रणनीतिक गठबंधन को रेखांकित करते हुए उन्होंने इसे वर्तमान सदी का एक अत्यंत गौरवशाली अध्याय करार दिया।
साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वास जताया कि दोनों देशों के इस ऐतिहासिक कदम से आगामी समय में पूरी मानवता और वैश्विक परिदृश्य पर सकारात्मक और दूरगामी प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच निरंतर प्रगाढ़ होते आपसी विश्वास की बदौलत ही रक्षा, सुरक्षा और समुद्री क्षेत्रों में सहयोग को एक नई ऊर्जा मिल रही है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि गरीबी उन्मूलन दोनों देशों की साझा प्राथमिकताओं में शीर्ष पर है। इस मोर्चे पर भारत अपनी जनहितकारी योजनाओं जैसे ‘मिड-डे मील’ और ‘सार्वजनिक वितरण प्रणाली’ (पीडीएस) के अनुभवों व समाधानों को इंडोनेशिया के साथ साझा करने के लिए तैयार है।
इस द्विपक्षीय वार्ता के दौरान विभिन्न क्षेत्रों के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं, जिनका विवरण इस प्रकार है:
- समुद्री सुरक्षा और ब्लू इकोनॉमी: दोनों देशों की नौसेनाओं और कोस्ट गार्ड के बीच समन्वय बढ़ाने के साथ-साथ बंदरगाहों के विकास, समुद्री व्यापार और नीली अर्थव्यवस्था (ब्लू इकोनॉमी) को बढ़ावा देने पर विशेष सहमति बनी।
- शिक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र: शैक्षणिक मोर्चे पर एक बड़ा कदम उठाते हुए इंडोनेशिया में भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) बैंगलोर का नया कैंपस स्थापित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान, अत्याधुनिक तकनीक साझा करने और क्षमता निर्माण के लिए भी समझौता किया गया है।
- स्वास्थ्य और तकनीक: स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के तहत इंडोनेशियाई नागरिकों को सस्ती भारतीय दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही वहां के डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की क्षमता निर्माण में भारत सहयोग करेगा। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), दूरसंचार, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए नए समझौते किए गए हैं।
- कृषि क्षेत्र: दोनों देशों ने टिकाऊ खेती (सस्टेनेबल फार्मिंग) और एग्रो-टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तकनीकी ज्ञान को आपस में साझा करने का निर्णय लिया है।
इस ऐतिहासिक बैठक के दौरान राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिन्तांग अदिपुर्ना ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ से विभूषित करने की घोषणा की। इस अभूतपूर्व सम्मान को स्वीकार करते हुए पीएम मोदी ने इसे भारत की 140 करोड़ जनता को समर्पित किया और राष्ट्रपति सुबियांतो सहित इंडोनेशिया के नागरिकों के प्रति सहृदय आभार प्रकट किया। कूटनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, प्रधानमंत्री की यह यात्रा भारत और इंडोनेशिया के बीच स्थापित ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ (कंप्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप) को एक नए और ऊंचे मुकाम पर ले जाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।