प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूज़ीलैंड की आधिकारिक यात्रा के दौरान शनिवार को भारत और न्यूज़ीलैंड ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर पहुंचा दिया है। दोनों देशों ने रक्षा, व्यापार, समुद्री सुरक्षा, कृषि, पर्यटन और खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में 10 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए। इस ऐतिहासिक मौके पर सहयोग को एक नई दिशा प्रदान करने के लिए ‘इंडिया-न्यूज़ीलैंड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप एंड रोडमैप-2030’ को भी औपचारिक रूप से स्वीकार किया गया।
रक्षा और समुद्री क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को एक नई ऊंचाई देते हुए दोनों देशों ने समुद्री सहयोग पर समझौता ज्ञापन (MoA) को अंतिम रूप दिया। इसके माध्यम से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आपसी संवाद, सूचनाओं के आदान-प्रदान और संयुक्त गतिविधियों को गति दी जाएगी। इसके साथ ही नौवहन मानचित्रण और हाइड्रोग्राफी पर भी सहमति बनी है, जिससे संयुक्त नौवहन चार्ट तैयार करने और क्षमता निर्माण में मदद मिलेगी। भारतीय नौसेना और न्यूज़ीलैंड डिफेंस फोर्स के बीच म्यूचुअल लॉजिस्टिक्स सपोर्ट अरेंजमेंट (MLSA) पर भी सहमति बनी है।
सुरक्षा के मोर्चे पर दोनों राष्ट्रों ने आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई के लिए एक संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Group) बनाने का निर्णय लिया है, जो खुफिया जानकारी साझा करने और आपसी समन्वय को मजबूत करेगा। आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भारत के एनडीएमए (NDMA) और न्यूज़ीलैंड की एनईएमए (NEMA) के बीच हुए समझौते के तहत भूकंप, सुनामी जैसी तटीय आपदाओं से निपटने, नीतिगत संवाद और क्षमता निर्माण पर मिलकर काम किया जाएगा।
आर्थिक और सामाजिक संबंधों को मजबूती देने के लिए कृषि, डेयरी और पर्यटन के क्षेत्रों में नई पहलों की शुरुआत की गई है। दोनों देशों ने पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में तकनीकी साझाकरण और सर्वोत्तम प्रणालियों को अपनाने पर सहमति जताई है। पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ने से दोनों देशों के नागरिकों के बीच आवाजाही बढ़ेगी, जिससे आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक बल मिलेगा।
सांस्कृतिक और खेल के स्तर पर जुड़ाव बढ़ाने के लिए एक संयुक्त खेल कार्ययोजना को अपनाया गया है, जो खेल विज्ञान, खेल चिकित्सा और एथलीटों के विकास पर केंद्रित होगी। ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के तहत गुजरात के लोथल में स्थित नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स (NMHC) और न्यूज़ीलैंड मैरीटाइम म्यूज़ियम के बीच आपसी सहयोग स्थापित करने पर भी दोनों पक्ष सहमत हुए हैं।
रोडमैप-2030 के तहत अगले चार वर्षों में व्यापार, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और जन-से-जन संपर्क को नई दिशा दी जाएगी। हाल ही में संपन्न हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के आधार पर वर्ष 2030 तक आपसी व्यापार को बढ़ाकर 7 अरब न्यूज़ीलैंड डॉलर करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, न्यूज़ीलैंड ने ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस में शामिल होने की घोषणा की है और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अवैध व अनियंत्रित रूप से मछली पकड़ने पर रोक लगाने के लिए सहयोग की प्रतिबद्धता जताई है। कृषि क्षेत्र में कीवीफ्रूट एक्शन प्लान लॉन्च किया गया है, जिसके तहत नागालैंड और उत्तराखंड में दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाएंगे। साथ ही, अंटार्कटिका अनुसंधान और शैक्षणिक सहयोग के लिए प्रमुख संस्थानों के बीच समझौते किए गए हैं।