भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र बिन हमद बिन हमूद अलबुसैदी के बीच शुक्रवार को मस्कट में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने दोनों राष्ट्रों के मध्य आपसी संबंधों को प्रगाढ़ करने के साथ-साथ खाड़ी क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर विस्तृत चर्चा की। विदेश मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, भारतीय विदेश मंत्री ने हालिया क्षेत्रीय संकट के समय भारतीय नाविकों को तत्काल सहायता मुहैया कराने के लिए ओमान सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही दोनों पक्षों ने आपसी हित से जुड़े तमाम क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर अपने विचार साझा किए।
इस महत्वपूर्ण राजनयिक मुलाकात के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने ओमान के विदेश मंत्री के साथ हुई इस बैठक पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वार्ता के दौरान भारत और ओमान के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई। उन्होंने बताया कि इस दौरान मुख्य रूप से व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी, समुद्री सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, रक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे अहम मोर्चों पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसके अतिरिक्त, खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और वहां शांति व स्थिरता बहाल करने के प्रयासों पर भी गंभीरता से विमर्श हुआ, जो दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी की मजबूती को दर्शाता है।
दूसरी तरफ, ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र बिन हमद बिन हमूद अलबुसैदी ने भी इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि सदियों पुराने समुद्री संपर्कों ने दोनों देशों के नागरिकों को एक सूत्र में पिरोया है, जो आज भी इस प्रगाढ़ दोस्ती की मुख्य बुनियाद है।
ओमानी विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मस्कट में भारतीय विदेश मंत्री का स्वागत करना उनके लिए बेहद खुशी का क्षण था। उन्होंने जानकारी दी कि बैठक में हॉर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज) में जहाजों के निर्बाध और सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कूटनीतिक कदमों पर गंभीर विमर्श किया गया। उन्होंने इस दिशा में भारत से मिल रहे सहयोग की सराहना की और आभार प्रकट किया कि प्राचीन काल से चले आ रहे समुद्री संबंध आज भी दोनों देशों के साझा हितों को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।
इस आधिकारिक बैठक से पूर्व, शुक्रवार की सुबह विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ओमान में निवास कर रहे प्रवासी भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ बनाने में भारतीय प्रवासियों की भूमिका को सराहा। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा कि भारतीय समुदाय के साथ उनकी बातचीत बेहद सकारात्मक रही और दोनों देशों के रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए प्रवासियों में भारी उत्साह देखने को मिला। उन्होंने ओमान के विकास और भारत-ओमान मैत्री में उनके योगदान की प्रशंसा की।
उल्लेखनीय है कि विदेश मंत्री जयशंकर गुरुवार को कुवैत का अपना आधिकारिक दौरा समाप्त करने के बाद ओमान पहुंचे थे। ओमान उनकी छह देशों की इस विस्तृत विदेश यात्रा का चौथा पड़ाव है। इस यात्रा श्रृंखला के अगले चरणों में वे न्यूयॉर्क और ब्रसेल्स का दौरा करेंगे।