श्री अमरनाथ जी यात्रा-2026 की सुरक्षा और सफल संचालन को लेकर जम्मू-कश्मीर पुलिस तथा केंद्रीय सुरक्षा बलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी सिलसिले में जम्मू जोन के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) भीम सेन टूटी (आईपीएस) ने सीआरपीएफ के जम्मू सेक्टर के आईजी और अन्य उच्चाधिकारियों के साथ मिलकर कठुआ तथा सांबा जिलों में सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक जायजा लिया। इस संयुक्त निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यात्रा मार्ग की सुरक्षा को अभेद्य बनाना और श्रद्धालुओं की यात्रा को बाधारहित सुनिश्चित करना था।
अपने दौरे के दौरान आईजीपी भीम सेन टूटी ने लखनपुर, कठुआ और सांबा में सुरक्षा बलों की तैनाती, यात्रा रूट और निगरानी तंत्र की बारीकी से जांच की। अधिकारियों को संबोधित करते हुए आईजीपी ने कहा कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा हमारी सबसे पहली प्राथमिकता है। उन्होंने सुरक्षा ग्रिड को और अधिक मजबूत करने, विभिन्न एजेंसियों के बीच मजबूत आपसी समन्वय स्थापित करने और श्रद्धालुओं की हर संभव मदद करने पर विशेष जोर दिया।
निरीक्षण के पहले चरण में आईजीपी ने लखनपुर रिसेप्शन सेंटर का दौरा किया, जहां उन्होंने यात्रियों की जांच, तलाशी और वहां तैनात सुरक्षा ग्रिड की कार्यप्रणाली को परखा। इसके बाद उन्होंने एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें कठुआ के उपायुक्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, सीआरपीएफ (121वीं बटालियन) व बीएसएफ (159वीं बटालियन) के कमांडिंग अधिकारी, एडीसी, एसपी ऑपरेशन्स, अतिरिक्त एसपी और यात्रा ड्यूटी पर तैनात जोनल अधिकारियों सहित कई सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
इस उच्च स्तरीय बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रबंधन, सुरक्षा ग्रिड की सक्रियता, आपातकालीन स्थिति से निपटने की योजना और संभावित सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। आईजीपी ने सभी अधिकारियों को चौबीसों घंटे पूरी मुस्तैदी के साथ निगरानी रखने और सतर्कता बरतने के कड़े निर्देश दिए।
इससे पहले, सांबा जिला पुलिस कार्यालय में भी एक महत्वपूर्ण सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता जम्मू जोन के आईजीपी भीम सेन टूटी और सीआरपीएफ जम्मू सेक्टर के आईजी अमोल वी. होमकर (आईपीएस) ने की। इस दौरान डीआईजी जेएसके रेंज श्रीधर पाटिल, डीआईजी सीआरपीएफ अवधेश पाठक और सांबा के एसएसपी अनुज कुमार समेत सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, बीएसएफ, एसएसबी व स्थानीय पुलिस के आला अधिकारी मौजूद रहे।
सांबा की बैठक में जिले के भीतर यात्रा सुरक्षा ब्लूप्रिंट की समीक्षा की गई। बैठक में मुख्य रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा, सीमावर्ती इलाकों की निगरानी, लंगर और विश्राम स्थलों की सुरक्षा, प्रवेश द्वारों की चेकिंग, क्विक रिस्पॉन्स टीमों (क्यूआरटी) की मुस्तैदी, आधुनिक निगरानी प्रणालियों तथा यात्रा के काफिले की सुरक्षा व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर रणनीति तैयार की गई।