देश की अग्रणी सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेवा प्रदाता कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए बड़े पैमाने पर रणनीति तैयार कर रही है। कंपनी ने लगभग 8,900 फॉरवर्ड-डिप्लॉयड इंजीनियरों (एफडीआई) का एक विशेष दस्ता गठित करने का निर्णय लिया है, जो सीधे तौर पर ग्राहकों से जुड़कर काम करेंगे। इसके साथ ही, तकनीकी बाजार में अपनी हिस्सेदारी मजबूत करने के लिए कंपनी डेटा सिक्योरिटी, एआई और साइबर सुरक्षा के क्षेत्रों में उपयुक्त अधिग्रहण (एक्विजिशन) की संभावनाएं भी सरगर्मी से तलाश रही है।
कंपनी की इस दूरगामी योजना पर प्रकाश डालते हुए टीसीएस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के. कृतिवासन ने जानकारी दी कि प्रबंधन का लक्ष्य अपने कुल कार्यबल के 1 से 1.5 फीसदी हिस्से को फॉरवर्ड-डिप्लॉयड इंजीनियरों के तौर पर विकसित करना है। उन्होंने बताया कि जून 2026 के अंत तक कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या के आकलन के आधार पर यह विशेष टीम करीब 5,900 से लेकर 8,900 इंजीनियरों की हो सकती है। ये पेशेवर सीधे क्लाइंट्स के साथ मिलकर उनकी तकनीकी आवश्यकताओं को समझेंगे और उनके अनुकूल एआई सॉल्यूशंस तैयार कर उन्हें लागू करने का काम करेंगे।
रणनीतिक निवेश और विस्तार को लेकर टीसीएस के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) समीर सेक्सरिया ने स्पष्ट किया कि कंपनी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सुरक्षा और साइबर सिक्योरिटी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में उन कंपनियों के अधिग्रहण पर सक्रियता से विचार कर रही है, जो बाजार में टीसीएस की स्थिति को और अधिक सुदृढ़ बना सकें। ऐसे कदम कंपनी की रणनीतिक स्थिति को दीर्घकालिक लाभ पहुंचाएंगे।
बाजार में व्याप्त आशंकाओं को खारिज करते हुए सीईओ कृतिवासन ने कहा कि एआई के आने से आउटसोर्सिंग सेक्टर पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा, बल्कि इसके विपरीत यह उद्योग में नए व्यावसायिक अवसरों के द्वार खोलेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि वैश्विक कंपनियों को अपने मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर में एआई प्रणालियों को सही ढंग से एकीकृत और क्रियान्वित करने के लिए टीसीएस जैसे अनुभवी और भरोसेमंद पार्टनर्स की आवश्यकता हमेशा बनी रहेगी।
कृतिवासन ने आगे जोड़ा कि ग्राहकों के बिजनेस मॉडल की गहरी समझ और कंपनी के पास मौजूद प्रशिक्षित मानव संसाधन टीसीएस की सबसे बड़ी ताकत हैं, जो एआई समाधानों को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने में मदद करते हैं। हालांकि, वित्तीय मोर्चे पर एआई क्षेत्र से होने वाली आय की विकास दर पिछली तिमाही के 28 प्रतिशत के मुकाबले चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में घटकर 13 प्रतिशत दर्ज की गई है। इस आंशिक गिरावट के बाद भी कंपनी लंबी अवधि में इस सेक्टर में निरंतर और मजबूत बढ़त हासिल करने के प्रति पूरी तरह आश्वस्त है।
भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए टीसीएस हर साल अपने कार्यबल के कौशल विकास और एआई जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर लगभग एक अरब डॉलर (1 बिलियन डॉलर) का बड़ा निवेश करती है। इस बजट का एक बड़ा हिस्सा कर्मचारियों की ट्रेनिंग, विशेष भर्तियों और एआई आधारित नई तकनीकों में कंपनी की आंतरिक क्षमता को बढ़ाने पर खर्च किया जा रहा है।