अमेरिका और ईरान के बीच भड़के ताजा सैन्य संघर्ष के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला है। दोनों देशों द्वारा एक-दूसरे पर किए गए हमलों के बाद कच्चे तेल के दाम 3 फीसदी से ज्यादा बढ़ गए हैं, जिससे सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज) में जहाजों के आवागमन में व्यवधान उत्पन्न होने की आशंका काफी गहरी हो गई है।
सीएनबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस तनाव के चलते अमेरिकी क्रूड फ्यूचर्स 3.4 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73.87 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं दूसरी ओर, न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार ब्रेंट क्रूड की कीमतों में भी 3.5 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया है, जिसके बाद इसकी कीमत लगभग 79 डॉलर (सटीक रूप से 78.67 डॉलर) प्रति बैरल पर आ गई है। इस हालिया सैन्य संकट के शुरू होने से पहले की स्थिति की तुलना में तेल की कीमतों में अब तक तकरीबन 9 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो चुकी है।
इस बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के सैन्य ठिकानों के खिलाफ नए सिरे से हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। इन हमलों का प्राथमिक उद्देश्य हॉर्मुज जलडमरूमध्य के रणनीतिक क्षेत्र में ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है। पिछले 24 घंटों के भीतर अमेरिका की तरफ से की गई यह तीसरी बड़ी सैन्य कार्रवाई है, जिसमें ईरानी मिसाइलों, वायु रक्षा प्रणालियों (एयर-डिफेंस सिस्टम), रडार केंद्रों और हथियारों के गोदामों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया है। इसके अतिरिक्त अमेरिकी युद्धक विमानों ने ईरान की एक क्रूज मिसाइल और एक लड़ाकू ड्रोन को हवा में ही मार गिराया है।
सैन्य मोर्चे पर जारी इस टकराव के बीच ईरान ने दावा किया है कि उसने अगले आदेश तक हॉर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है। हालांकि, अमेरिका ने ईरान के इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि समुद्री मार्ग से जहाजों की आवाजाही पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। इस विरोधाभासी बयानों के बीच समुद्री यातायात पर इसका बहुत बुरा असर पड़ा है। इस संकट से पहले जहां रोजाना 130 से अधिक व्यापारिक जहाज हॉर्मुज के रास्ते गुजरते थे, वहीं गुरुवार को यह संख्या सिमटकर महज 22 रह गई। स्थिति को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय नाविकों को इस समुद्री क्षेत्र से गुजरते समय अत्यधिक सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
बीती रात अमेरिकी सेना ने ईरान के लगभग 140 ठिकानों पर भीषण बमबारी की। अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में ईरान ने भी पलटवार किया, जिससे कुवैत की तीन सीमा चौकियों (बॉर्डर पोस्ट) और एक ऑयल प्लेटफॉर्म को भारी नुकसान पहुंचा है। इस ईरानी हमले में ऑयल प्लेटफॉर्म पर काम करने वाला एक कर्मचारी भी घायल हुआ है। क्षेत्र में स्थिति अभी भी गंभीर और तनावपूर्ण बनी हुई है, और बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष आने वाले दिनों में और लंबा खिंचता है, तो दुनिया भर में तेल की आपूर्ति व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।