उत्तर-पश्चिम में थमा मानसून 20 जुलाई से पकड़ेगा रफ्तार, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत 18 राज्यों में भारी बारिश का रेड अलर्ट
देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से सुस्त पड़ा मानसून आगामी 20 जुलाई से एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार को उपग्रह से प्राप्त तस्वीरों के हवाले से बताया कि पूर्वी, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के आसमान में घने बादलों की मौजूदगी दर्ज की गई है। इसके साथ ही, विभाग ने आज उत्तर प्रदेश और बिहार सहित देश के 18 राज्यों के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बांग्लादेश और पूर्वोत्तर क्षेत्र के ऊपर विकसित हुए एक चक्रवाती तंत्र (साइक्लोनिक सिस्टम) और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से आने वाले दिनों में मानसूनी गतिविधियां तेज होंगी। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर के राज्यों और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले 6 से 7 दिनों तक मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।
देश के पहाड़ी राज्यों में इस मानसूनी सक्रियता का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। उत्तराखंड में लगातार हो रही वर्षा के कारण हुए भूस्खलन से 2 राष्ट्रीय राजमार्गों समेत कुल 126 संपर्क मार्ग पूरी तरह बंद हो गए हैं। स्यानाचट्टी के समीप ऋषिकेश-यमुनोत्री हाईवे रविवार को लगातार तीसरे दिन भी यातायात के लिए अवरुद्ध रहा। पड़ोसी राज्य हरियाणा में हिमाचल प्रदेश से आ रहे पानी के भारी इनफ्लो के कारण यमुना और मारकंडा नदियों का जलस्तर खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है, जिससे मैदानी इलाकों के कई गांवों में बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। दिल्ली में भी यमुना के बढ़ते जलस्तर के बीच रविवार को एक दुखद हादसा सामने आया, जहां नदी में नहाने गए 4 बच्चे पानी के तेज बहाव में बह गए। उधर, जम्मू-कश्मीर के रियासी में चिनाब नदी के बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए सलाल बांध के कई गेट खोलने पड़े हैं, जबकि बारामूला में सोमवार सुबह विजिबिलिटी बेहद कम रही और पूरे शहर पर कोहरे की पतली चादर छाई रही।
इसके विपरीत, उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह अलग है। राजस्थान में मानसून के प्रथम चरण के धीमे होने के बाद अब आगामी एक सप्ताह तक वर्षा की संभावना काफी कम जताई गई है। जोधपुर और बीकानेर संभागों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा, हालांकि 14 और 15 जुलाई को बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू के क्षेत्रों में आंशिक बूंदाबांदी हो सकती है। पूर्वी राजस्थान, जयपुर, शेखावाटी और भरतपुर संभागों में भी अगले 5-6 दिनों तक मौसम साफ रहने के आसार हैं, लेकिन पश्चिमी हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से धूलभरी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। हरियाणा की बात करें तो पंचकूला, यमुनानगर और सोनीपत सहित 9 जिलों में आज बारिश की उम्मीद है, जबकि भिवानी में रविवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सर्वाधिक रहा। पंजाब के जालंधर और मोहाली में बारिश से पारे में 0.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है और आज पठानकोट-गुरदासपुर सहित 13 जिलों में वर्षा का अलर्ट है।
मध्य और पूर्वी भारत के राज्यों में भी मानसूनी विषमता साफ दिखाई दे रही है। उत्तर प्रदेश के 22 जिलों में आज वर्षा की चेतावनी जारी की गई है, जिसमें से 8 जिलों में अत्यंत भारी और 5 जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। इससे पूर्व रविवार को गोरखपुर में रिकॉर्ड 168 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जिससे शहरी इलाकों में भीषण जलभराव हो गया। वहीं बहराइच में 129 मिलीमीटर और अंबेडकर नगर में 125 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। प्रदेश में 1 जून से 12 जुलाई के बीच हुई कुल 158.8 मिलीमीटर वर्षा सामान्य से 17 प्रतिशत कम है। बिहार में मौसम विभाग ने 27 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ‘विंडी.कॉम’ के मौसमी आंकड़ों के अनुसार, मुख्य बादल अब पूर्वोत्तर की ओर स्थानांतरित हो गए हैं, जिससे बिहार में अगले चार दिनों तक हल्की से मध्यम वर्षा होगी। राज्य में अब तक 161.2 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य औसत 301.5 मिलीमीटर से 47 फीसदी कम है। छत्तीसगढ़ में रायपुर समेत उत्तरी हिस्सों में अगले पांच दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा। राज्य में अब तक सामान्य से 21 प्रतिशत कम (252.4 मिमी) वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग द्वारा आगामी दो दिनों के लिए जारी किए गए देशव्यापी पूर्वानुमान के अनुसार, 13 जुलाई को उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और संपूर्ण पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का यलो अलर्ट रहेगा। वहीं, ओडिशा और तमिलनाडु में उमस का प्रकोप बढ़ेगा तथा आंध्र प्रदेश व तेलंगाना में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में आज कोई विशेष चेतावनी नहीं है। इसके अगले दिन यानी 14 जुलाई को बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, सिक्किम, असम, मेघालय और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जबकि जम्मू-कश्मीर और ओडिशा सहित शेष राज्यों में यलो अलर्ट रहेगा। इसी दौरान राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश और पाकिस्तान सीमा से सटे गुजरात व आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में हीटवेव (लू) चलने की आशंका जताई गई है।