लॉर्ड्स टेस्ट में भारतीय महिला टीम की ऐतिहासिक जीत, इंग्लैंड को 270 रनों से हराकर रचा इतिहास

लॉर्ड्स टेस्ट में भारतीय महिला टीम की ऐतिहासिक जीत, इंग्लैंड को 270 रनों से हराकर रचा इतिहास

लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने मेजबान इंग्लैंड को 270 रनों के विशाल अंतर से पराजित कर एक नया इतिहास रच दिया है। विदेशी सरजमीं पर मिली इस अभूतपूर्व सफलता पर केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भारतीय टीम की जमकर सराहना की है। इस मुकाबले में भारतीय टीम ने खेल के हर विभाग में अपना दबदबा बनाए रखा और मेजबान टीम को चारों खाने चित कर दिया।

मैच के घटनाक्रम पर नजर डालें तो भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 285 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और महज 170 रनों पर ढेर हो गई। पहली पारी के आधार पर भारत को 115 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल हुई। इसके बाद मेहमान टीम ने अपनी दूसरी पारी 341 रन पर 7 विकेट के नुकसान पर घोषित कर दी, जिससे इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 457 रनों का बेहद मुश्किल लक्ष्य रखा गया। इस विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की दूसरी पारी भी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और पूरी टीम 186 रनों पर सिमट गई।

इस शानदार विजय के बाद केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने लिखा कि लॉर्ड्स के इस प्रतिष्ठित मैदान पर टेस्ट मैच जीतने वाली पहली महिला टीम बनकर हमारी क्रिकेटर्स ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने टीम को बधाई देते हुए कहा कि इंग्लैंड पर मिली यह 270 रनों की बड़ी जीत इस कामयाबी को और भी यादगार बनाती है। वहीं, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक जीत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी और देश में महिला क्रिकेट के विकास को नई ऊंचाइयां देगी।

बीसीसीआई ने अपने आधिकारिक बयान में इस जीत को मील का पत्थर बताया है। बोर्ड का कहना है कि क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स मैदान पर टेस्ट मैच जीतना किसी भी खिलाड़ी के लिए एक बहुत बड़ा सपना होता है। इस युवा भारतीय टीम के लिए यह पल बेहद खास है, जो देश में महिला क्रिकेट की प्रगति के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर खिलाड़ियों के कौशल, जज्बे और मजबूत चरित्र को प्रदर्शित करता है। बोर्ड के अनुसार, यह सफलता अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है और उन तमाम युवा लड़कियों को प्रेरित करेगी जो देश के लिए खेलने का सपना देखती हैं।

बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने इस मौके पर टीम की तारीफ करते हुए कहा कि यह भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास के सबसे स्वर्णिम क्षणों में से एक है। लॉर्ड्स में मिली यह जीत टीम के साहस, अनुशासन और अटूट विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने इस बड़े अवसर पर शानदार खेल दिखाकर पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा किया है। मन्हास ने आईसीसी चेयरमैन जय शाह के नेतृत्व की भी सराहना की और कहा कि महिला क्रिकेट को आगे बढ़ाने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने ही ऐसी सफलताओं की नींव रखी है। उन्होंने कप्तान हरमनप्रीत कौर सहित सभी खिलाड़ियों, कोचों और सहायक स्टाफ को बधाई दी।

इसके साथ ही बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इस सफलता को महिला क्रिकेट में पिछले कई वर्षों से किए जा रहे निवेश और प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि बीसीसीआई महिला क्रिकेटरों को बेहतर माहौल, मजबूत घरेलू ढांचा और पेशेवर सुविधाएं देने के लिए हमेशा तत्पर रहा है। सैकिया ने पूर्व सचिव और वर्तमान आईसीसी चेयरमैन जय शाह के विजन की सराहना करते हुए कहा कि केंद्रीय अनुबंध में महिला क्रिकेटरों को समान वेतन, बढ़ी हुई मैच फीस और विमेंस प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) की शुरुआत जैसे उनके फैसलों ने भारतीय महिला क्रिकेट का चेहरा बदल दिया है। लॉर्ड्स की यह जीत इसी कड़ी मेहनत और समर्पण का प्रतिफल है।

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