भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने देश के मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र में काम करने वाले उद्योग संघों, शैक्षणिक संस्थानों और विभिन्न संगठनों से ‘क्रिएट इन इंडिया चैलेंज’ (सीआईसी) सीजन-2 के लिए प्रस्ताव मांगे हैं। आगामी विश्व ऑडियो विजुअल एवं मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) 2027 की इस अहम कड़ी के माध्यम से युवाओं की सृजनात्मकता को नया विस्तार दिया जाएगा। पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभाग ने एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल भी लाइव कर दिया है, जिसके जरिए सभी आवेदनों का मूल्यांकन योग्यता के आधार पर होगा।
इस बार के आयोजन की रूपरेखा को व्यापक रूप देते हुए 50 से अधिक चुनौतीपूर्ण प्रतियोगिताओं का खाका खींचा गया है। इस सरकारी पहल का मुख्य एजेंडा युवाओं पर केंद्रित और उद्योग जगत के सहयोग से संचालित ऐसी व्यवस्था बनाना है, जो देश की क्रिएटिव प्रतिभाओं की समय पर पहचान कर सके। इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल नई तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि मीडिया जगत में सहभागिता के नए द्वार भी खुलेंगे। इस बार मुख्य ध्यान मुख्य रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डिजिटल मीडिया, एवीजीसी-एक्सआर और सोशल मीडिया जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा।
इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में सफलता प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को वेव्स 2027 के वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। आयोजन के दौरान बनने वाले विशेष ‘क्रिएटोस्फीयर’ में इन विजेताओं के कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा। मंत्रालय का दीर्घकालिक दृष्टिकोण है कि इस तरह के बड़े वैश्विक प्रदर्शनों से भारतीय युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी काबिलियत साबित करने और वैश्विक बाजार में पहचान बनाने का सीधा लाभ मिलेगा।
इस पहल का हिस्सा बनने के लिए सभी पात्र संस्थानों को 31 जुलाई 2026 तक अपने विस्तृत प्रस्ताव ऑनलाइन लिंक (https://wavesbazaar.com/create-india-challenge/season2/ifp) पर अपलोड करने होंगे। जमा किए जाने वाले प्रस्तावों का दायरा काफी व्यापक रखा गया है, जिसमें एनीमेशन, वीएफएक्स, ऑनलाइन सोशल गेमिंग, ई-स्पोर्ट्स, कॉमिक्स, एक्सआर/एआर/वीआर, फिल्म निर्माण, ब्रॉडकास्टिंग, संगीत, नृत्य और एआई आधारित समकालीन रचनात्मक विधाएं शामिल हो सकती हैं।
परियोजनाओं को मजबूती देने के लिए मंत्रालय ने विशेष बजटीय सहायता की भी घोषणा की है। चयनित की गई प्रत्येक चुनौती के सफल प्रबंधन और आयोजन के लिए सरकार की तरफ से अधिकतम 1 करोड़ रुपये तक की एकमुश्त अनुदान राशि स्वीकृत की जा सकती है। इस आर्थिक मदद को देने से पहले प्रस्ताव की मौलिकता, उसके सामाजिक व कौशल विकास से जुड़े परिणामों, जमीनी पहुंच और कड़े तकनीकी-वित्तीय मानकों पर उसकी उपयोगिता को परखा जाएगा।
मूल रूप से यह प्रयास भारत के संपूर्ण क्रिएटिव परिदृश्य को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की एक बड़ी योजना का हिस्सा है। इससे पूर्व आयोजित किए गए सीजन-1 में 33 सफल उद्योग-संचालित चुनौतियों को पूरा किया गया था, जिसके बाद अब सीजन-2 में युवा-केंद्रित दृष्टिकोण, मेंटरशिप और स्किल अपग्रेडेशन को और अधिक मजबूत किया गया है। इस रणनीतिक पहल को देश के प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए “Create in India, Create for the World” के दृष्टिकोण को साकार करने के रूप में देखा जा रहा है।