फीफा विश्व कप 2026 के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में स्पेन ने फ्रांस को 2-0 से हराकर खिताबी मुकाबले का टिकट पक्का कर लिया है। इस शिकस्त के बाद फ्रांस की टीम का विश्व विजेता बनने का सपना टूट गया है और अब वह तीसरे स्थान के लिए दूसरे सेमीफाइनल में हारने वाली टीम से मुकाबला करेगी।
स्पेनिश फुटबॉल टीम ने इतिहास में दूसरी बार विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई है। इससे पहले टीम ने 2010 में फाइनल का सफर तय किया था, जहाँ वह चैंपियन बनने में सफल रही थी। मुकाबले की शुरुआत में फ्रांसीसी टीम ने आक्रामक रुख अपनाया, जहाँ स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे ने स्पेन के रक्षापंक्ति पर दबाव बनाने की कोशिश की। इसके बावजूद, मैच का पहला गोल दागने में स्पेनिश टीम कामयाब रही।
स्पेन के 19 वर्षीय युवा खिलाड़ी लामिन यमाल को रोकने के चक्कर में फ्रांस के डिफेंडर लुकास डिग्ने ने एक फाउल कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप स्पेन को पेनल्टी मिल गई। मैच के 22वें मिनट में इस सुनहरे मौके का फायदा उठाते हुए मिकेल ओयरजाबल ने गेंद को गोल पोस्ट में डाल दिया और स्पेन को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी। इसके बाद फ्रांस ने पहले हाफ में वापसी के कई प्रयास किए, लेकिन वे स्पेन के मजबूत डिफेंस को भेदने में नाकाम रहे।
खेल के दूसरे हाफ में भी स्पेन का दबदबा बरकरार रहा। मैच के 58वें मिनट में पेड्रो पोरो ने एक बेहतरीन मैदानी गोल करके अपनी टीम की बढ़त को 2-0 कर दिया। दो गोल से पिछड़ने का मानसिक दबाव फ्रांसीसी खिलाड़ियों पर साफ दिखाई दे रहा था। स्थिति को संभालने के लिए फ्रांस के कोच ने डेजिरे डुए और रयान चेर्की को विकल्प के तौर पर मैदान में उतारा, लेकिन यह रणनीति भी टीम के काम नहीं आई।
फ्रांस के कप्तान एम्बाप्पे ने विपक्षी टीम के चक्रव्यूह को तोड़ने के कई प्रयास किए, लेकिन स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन ने उनके हर हमले को नाकाम कर दिया। निर्धारित 90 मिनट के खेल में फ्रांस का खाता नहीं खुल सका और स्पेन ने यह मैच 2-0 से जीतकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। अब खिताबी जंग में स्पेन का सामना अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा।