भोपाल के आंचलिक विज्ञान केंद्र में अत्याधुनिक ‘अंतरिक्ष अन्वेषण दीर्घा’ का लोकार्पण, मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने किया उद्घाटन

भोपाल के आंचलिक विज्ञान केंद्र में अत्याधुनिक ‘अंतरिक्ष अन्वेषण दीर्घा’ का लोकार्पण, मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने किया उद्घाटन

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भोपाल स्थित आंचलिक विज्ञान केंद्र में नवनिर्मित ‘अंतरिक्ष अन्वेषण दीर्घा’ (हॉल ऑफ स्पेस एक्सप्लोरेशन) का औपचारिक उद्घाटन किया। इस गरिमामयी समारोह में बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राओं ने शिरकत कर गैलरी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री श्री शेखावत ने भी दीर्घा में प्रदर्शित विभिन्न वैज्ञानिक मॉडलों व प्रादर्शों का गहराई से निरीक्षण कर उनकी सराहना की। भोपाल जिला प्रशासन के सहयोग से तैयार की गई यह दीर्घा राज्य में अपनी तरह की एक अनूठी और पहली परियोजना है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय मंत्री श्री शेखावत का स्वागत करते हुए कहा कि उनके भोपाल आगमन से प्रदेश का उत्साहवर्धन हुआ है। मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने अंतरिक्ष तकनीक और विज्ञान के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि इस विश्वस्तरीय दीर्घा का निर्माण बेहद सीमित लागत में किया गया है, जहाँ बच्चों की वैज्ञानिक जिज्ञासाओं को शांत करने के लिए अधिकतम जानकारी और विभिन्न कलाकृतियाँ उपलब्ध कराई गई हैं। डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि यह दीर्घा मध्य प्रदेश के गौरव और गरिमा को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

उद्घाटन के इस विशेष अवसर पर भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम सभापति श्री किशन सूर्यवंशी, आंचलिक विज्ञान केंद्र के निदेशक श्री साकेत सिंह कौरव और मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक श्री अनिल कोठारी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

केंद्रीय मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मध्य प्रदेश को देश का हृदय स्थल बताते हुए कहा कि यह राज्य पर्यटन और संस्कृति के संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विकास और विरासत के दृष्टिकोण को धरातल पर उतारने के साथ ही राज्य अब अंतरिक्ष विज्ञान में भी अपनी पहुँच मजबूत कर रहा है। श्री शेखावत ने आंचलिक विज्ञान केंद्र की इस नई सौगात को राज्य के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया, जहाँ भारत की ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा से लेकर वर्तमान तक की प्रगति को विस्तार से प्रदर्शित किया गया है।

केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि यह दीर्घा विद्यार्थियों के साथ-साथ आम नागरिकों के लिए भी खोली गई है, जो राज्य सरकार की ‘स्पेस पॉलिसी’ को सुदृढ़ करने में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने नई शिक्षा नीति में स्पेस टेक्नोलॉजी को प्रमुखता दिए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि इंटरैक्टिव माध्यमों से छात्र यहाँ आकर गहनता से विषयों को समझ सकेंगे। उन्होंने इस दिशा में ठोस प्रयास करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व की सराहना की।

केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन कार्यरत राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (एनसीएसएम) और भोपाल जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में विकसित यह गैलरी देश की सबसे आधुनिक विज्ञान दीर्घाओं में शुमार है। यहाँ ब्रह्मांड की उत्पत्ति से लेकर समकालीन स्पेस मिशनों तक की यात्रा को बेहद जीवंत रूप में पिरोया गया है। खास बात यह है कि इसमें प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा, ऋग्वेद के नारदीय सूक्त और शून्य की अवधारणा का आधुनिक खगोल विज्ञान के साथ अनूठा समन्वय देखने को मिलता है।

लगभग 30 से अधिक इंटरैक्टिव और इमर्सिव प्रदर्शों से सुसज्जित इस गैलरी में आगंतुकों के लिए स्पेस फ्लाइट सिम्युलेटर, स्पेस वॉक, खगोलीय पिंडों का 3-डी अवलोकन, अंतरिक्ष विज्ञान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), अंतरिक्ष पर्यटन, रॉकेट संचालन की कार्यप्रणाली और अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन जैसी जटिल अवधारणाओं को बेहद सरल और रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया गया है। इसके अलावा, थुम्बा से छोड़े गए पहले साउंडिंग रॉकेट से लेकर आर्यभट्ट, चंद्रयान, मंगलयान, आदित्य-एल1 और भविष्य के गगनयान मिशन तक भारत की गौरवशाली अंतरिक्ष यात्रा को यहाँ प्रदर्शित किया गया है, जो भावी पीढ़ी में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का एक प्रमुख जरिया बनेगी।

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