पश्चिम एशिया संकट और कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजार सपाट बंद

पश्चिम एशिया संकट और कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजार सपाट बंद

पश्चिम एशिया क्षेत्र में लगातार गहराते भू-राजनीतिक तनाव और कमजोर अंतरराष्ट्रीय संकेतों के प्रभाव से घरेलू शेयर बाजार गुरुवार के कारोबारी सत्र में लगभग बिना किसी बदलाव के सपाट स्तर पर बंद हुआ। उतार-चढ़ाव से भरे इस कारोबार में दोनों मुख्य सूचकांकों—सेंसेक्स और निफ्टी—में बेहद सीमित दायरे में कारोबार देखा गया और अंत में ये अपने पिछले स्तरों के बिल्कुल करीब ही बंद हुए।

आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 50 मामूली रूप से 5.75 अंक यानी 0.02 प्रतिशत टूटकर 24,072.75 के स्तर पर आ गया। दूसरी तरफ, बीएसई का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स मामूली बढ़त दर्ज करने में सफल रहा और यह 1.44 अंक की नाममात्र की तेजी के साथ 77,186.87 के स्तर पर बंद हुआ।

गुरुवार को कारोबार की शुरुआत सकारात्मक रही थी। सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 77,185.43 की तुलना में 0.26 फीसदी यानी 203 अंकों की बढ़त के साथ 77,388.42 पर खुला था। सत्र के दौरान मजबूत लिवाली के दम पर यह 0.51 प्रतिशत या 394.26 अंक उछलकर 77,579.69 के इंट्रा-डे हाई पर पहुंच गया, लेकिन बाद में बिकवाली के दबाव के कारण यह अपने दिन के उच्चतम स्तर से 392.82 अंक (0.50 प्रतिशत) नीचे फिसलकर बंद हुआ।

इसी प्रकार, निफ्टी 50 भी अपने पिछले बंद 24,078.50 अंक के मुकाबले 0.26 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,142.10 पर खुला था। दिन के कारोबार में इसमें 108 अंक या 0.44 प्रतिशत की मजबूती देखी गई और यह 24,186.50 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, अंतिम घंटों में मुनाफावसूली होने से यह अपने दिन के उच्च स्तर से 114 अंक नीचे गिरकर लाल निशान में बंद हुआ।

बाजार के व्यापक रुझान को देखें तो उतार-चढ़ाव के बीच कुल 1,947 शेयरों के भाव में तेजी दर्ज की गई, जबकि 2,119 शेयरों के दाम में गिरावट आई और 194 शेयरों के मूल्य में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। व्यापक बाजारों (ब्रॉडर मार्केट) में मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों का प्रदर्शन उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में जहां 0.41 प्रतिशत की कमजोरी देखी गई, वहीं स्मॉलकैप 100 सूचकांक भी 0.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।

क्षेत्रीय सूचकांकों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर सबसे आगे रहा, जिसने 1.48 प्रतिशत की शानदार बढ़त बनाई। इसके बाद निफ्टी मीडिया में 1.18 प्रतिशत, निफ्टी आईटी में 0.67 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो में 0.46 प्रतिशत की तेजी आई। इसके अलावा, निफ्टी एफएमसीजी 0.25 प्रतिशत और निफ्टी फार्मा 0.02 प्रतिशत की मामूली बढ़त हासिल करने में सफल रहे। इसके विपरीत, निफ्टी रियल्टी सेक्टर पर सबसे अधिक दबाव रहा और यह 0.98 प्रतिशत टूट गया। निफ्टी पीएसयू बैंक भी 0.46 प्रतिशत नीचे आया, जबकि निफ्टी मेटल (-0.33 प्रतिशत), निफ्टी प्राइवेट बैंक (-0.31 प्रतिशत) और निफ्टी बैंक (-0.30 प्रतिशत) भी गिरावट के साथ बंद हुए।

व्यक्तिगत शेयरों की बात करें तो निफ्टी 50 के अंतर्गत एचसीएल टेक, इंडिगो, विप्रो, मारुति, बजाज फाइनेंस और महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) के शेयर शीर्ष बढ़त दर्ज करने वालों में शामिल रहे। दूसरी ओर, इटरनल, एसबीआई लाइफ, बजाज फिनसर्व, बीईएल और एचडीएफसी बैंक के शेयरों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा।

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में उम्मीद से बेहतर (कम) आए महंगाई के आंकड़ों ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की चिंताओं को कुछ कम किया है, जिससे बाजार को निचले स्तर पर सहारा मिला। आने वाले समय में निवेशकों की निगाहें कंपनियों की पहली तिमाही के नतीजों, प्रबंधन की टिप्पणियों (मैनेजमेंट कमेंट्री) और मानसून की चाल पर टिकी रहेंगी। साथ ही वैश्विक परिस्थितियां और मुद्रास्फीति से जुड़े आगामी आंकड़े भी बाजार की आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *