वैश्विक तनाव के बीच सराफा बाजार में सुस्ती: एमसीएक्स पर सोना सपाट, चांदी के दामों में आई कमी

वैश्विक तनाव के बीच सराफा बाजार में सुस्ती: एमसीएक्स पर सोना सपाट, चांदी के दामों में आई कमी

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी राजनीतिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय वायदा बाजार (एमसीएक्स) में शुक्रवार को सोने की शुरुआत बेहद सुस्त रही, जबकि चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती सत्र में दोनों बहुमूल्य धातुओं का व्यापार एक सीमित दायरे के भीतर ही सिमटा रहा। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, हाल के दिनों में वैश्विक स्तर पर बढ़े उतार-चढ़ाव का सीधा असर स्थानीय कीमतों पर दिखाई दे रहा है, जिससे निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया हुआ है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आगामी 5 अगस्त, 2026 की एक्सपायरी वाला सोने का अनुबंध पिछले कारोबारी सत्र के बंद भाव 1,40,348 रुपए के मुकाबले 338 रुपए के उछाल के साथ 1,40,686 रुपए प्रति 10 ग्राम पर दर्ज किया गया। बाजार खुलने के बाद सुबह 9:30 बजे तक के शुरुआती सौदों में इसमें महज 52 रुपए अथवा 0.04 प्रतिशत की मामूली बढ़त देखी गई, जिसके बाद यह 1,40,400 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा था। आज के सत्र में अब तक सोने ने ऊपरी स्तर पर 1,40,733 रुपए और निचले स्तर पर 1,40,375 रुपए प्रति 10 ग्राम को छुआ है, जो बाजार के ठहरे हुए रुख को दर्शाता है।

दूसरी ओर, चांदी के बाजार में आज कमजोरी का रुख अधिक स्पष्ट रहा। एमसीएक्स पर 4 सितंबर, 2026 की परिपक्वता वाला चांदी का अनुबंध पिछले क्लोजिंग भाव 2,16,013 रुपए के मुकाबले 745 रुपए टूटकर 2,15,268 रुपए प्रति किलोग्राम पर खुला। इसके कुछ समय बाद धातुओं के इस सूचकांक में थोड़ी रिकवरी हुई, फिर भी यह 582 रुपए यानी 0.27 प्रतिशत के नुकसान के साथ 2,15,431 रुपए प्रति किलोग्राम पर ट्रेंड कर रहा था। इस दौरान चांदी में ऊपरी स्तर पर 2,16,230 रुपए और न्यूनतम स्तर पर 2,15,233 रुपए प्रति किलोग्राम के बीच सौदे दर्ज किए गए।

वैश्विक परिदृश्य पर नजर डालें तो अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी एक्सचेंजों में भी कीमती धातुओं पर बिकवाली का दबाव साफ नजर आ रहा है। अमेरिकी बाजार कॉमेक्स (COMEX) पर हाजिर सोना 0.02 फीसदी की हल्की गिरावट के साथ 3,991 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं, चांदी के अंतरराष्ट्रीय भाव में अपेक्षाकृत अधिक कमजोरी देखी गई और यह 1.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ 55 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गई। विदेशी बाजारों का यह रुख घरेलू स्तर पर भी सेंटिमेंट को प्रभावित कर रहा है।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बड़ी गिरावट और ठहराव के पीछे मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता हुआ सैन्य व कूटनीतिक संघर्ष है। इस भू-राजनीतिक अस्थिरता की वजह से सुरक्षित निवेश माने जाने वाले इन साधनों में हालिया समय में भारी उतार-चढ़ाव आया है। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि डॉलर के संदर्भ में सोना पिछले तीन महीनों में 18 प्रतिशत से अधिक, बीते एक महीने में 9 प्रतिशत और केवल इस सप्ताह के भीतर 3 प्रतिशत तक टूट चुका है।

इसी तरह चांदी की कीमतों में भी पिछले कुछ हफ्तों के दौरान बड़ी गिरावट का दौर देखा गया है। आंकड़ों के अनुसार, चांदी की कीमतें पिछले तीन महीनों की अवधि में 32 प्रतिशत से ज्यादा नीचे आ चुकी हैं। वहीं, पिछले एक महीने में इसमें 21 प्रतिशत से अधिक की कमजोरी आई है, जबकि इस बीते एक हफ्ते के दौरान ही इसके भाव में लगभग 8 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है।

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