देशभर के 75 रेलवे स्टेशनों को नया स्वरूप, प्रधानमंत्री मोदी अमृत भारत योजना के अगले चरण की करेंगे शुरुआत

देशभर के 75 रेलवे स्टेशनों को नया स्वरूप, प्रधानमंत्री मोदी अमृत भारत योजना के अगले चरण की करेंगे शुरुआत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश के 20 अलग-अलग राज्यों में फैले 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण करने जा रहे हैं। ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत इन सभी स्टेशनों को आधुनिक स्वरूप देने के साथ-साथ यात्रियों की सहूलियतों के अनुकूल तैयार किया गया है। बुनियादी ढांचे के इस कायाकल्प में ‘विरासत भी, विकास भी’ की सोच को प्राथमिकता दी गई है, जिसके तहत स्टेशनों के निर्माण में वहां की क्षेत्रीय संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर और वास्तुकला की झलक को समाहित किया गया है। दुनिया के सबसे बड़े स्टेशन पुनर्विकास अभियानों में से एक माने जा रहे इस कार्यक्रम में पंजाब का ऐतिहासिक जालंधर कैंट स्टेशन भी शामिल है, जो इस योजना की एक बड़ी सफलता के रूप में उभरा है।

इस बड़े पुनर्विकास कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 110 साल पुराने जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन को 125 करोड़ रुपये के बजटीय निवेश के साथ पूरी तरह से नया रूप दिया गया है। इस ऐतिहासिक स्टेशन पर अब यात्रियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसमें 1,770 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला और 36 मीटर चौड़ाई वाला एक डबल-हाइट एयर कॉनकोर्स बनाया गया है। इसके अलावा प्लेटफॉर्म पर भारी स्टील की छत, 40 मीटर चौड़ी ट्रफ रूफ और यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए 6 व 9 मीटर चौड़ाई के दो नए फुट ओवर ब्रिज तैयार किए गए हैं। स्टेशन पर एंटी-स्किड (फिसलन रोधी) फर्श और ऊर्जा की बचत करने वाली एलईडी लाइटिंग लगाई गई है। साथ ही, शहर के दोनों हिस्सों से प्रवेश की सुविधा देते हुए 4,855 वर्ग मीटर का एक बड़ा पार्किंग क्षेत्र और एक नया दूसरा प्रवेश द्वार भी विकसित किया गया है।

योजना के तहत जालंधर कैंट के अतिरिक्त कई अन्य महत्वपूर्ण स्टेशनों का भी कायाकल्प किया गया है। इसमें दिल्ली के करीब स्थित मोदीनगर स्टेशन का 25.75 करोड़ रुपये और तेलंगाना के हाई-टेक सिटी स्टेशन का 26 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिकीकरण किया गया है। पूरे देश की बात करें तो दिल्ली, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, तेलंगाना और राजस्थान राज्यों में फैले कुल 10 स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य 424.02 करोड़ रुपये की संयुक्त लागत से पूरा कर लिया गया है।

‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के अब तक के सफर पर नजर डालें तो इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत अब तक कुल 1,340 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए 71,000 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि का निवेश किया जा चुका है। हालिया चरणों में कुल 122 स्टेशनों के उन्नयन का काम पूरा हो चुका है, जबकि साल 2026 के मध्य तक 1,338 से भी ज्यादा स्टेशनों को पुनर्विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इन सभी स्टेशनों के विकास में स्थानीय पहचान और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। स्टेशनों पर दिव्यांग यात्रियों की सहूलियत के लिए लिफ्ट, रैंप, स्पर्शनीय (टैक्टाइल) मार्ग और विशेष शौचालयों का निर्माण किया गया है। इसके साथ ही उन्नत प्रतीक्षालय, स्वचालित सीढ़ियां (एस्केलेटर), आधुनिक यात्री सूचना प्रणालियां, एग्जीक्यूटिव लाउंज और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए ‘वन स्टेशन वन प्रोडक्ट’ (एक स्टेशन एक उत्पाद) की दुकानें खोली गई हैं। प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप चलाई जा रही यह योजना, वंदे भारत ट्रेनों के संचालन और समर्पित माल ढुलाई गलियारे (डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर) जैसी पहलों के साथ मिलकर भारतीय रेलवे के वैश्विक स्तर पर बदलाव का मार्ग प्रशस्त कर रही है, जो अमृत काल में देश की प्रगति और आत्मनिर्भरता को दर्शाता है।

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