फुटबॉल जगत के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट फीफा विश्व कप 2026 का फाइनल मुकाबला 20 जुलाई को भारतीय समयानुसार रात 12:30 बजे खेला जाएगा, जिसमें मौजूदा यूरोपीय चैंपियन स्पेन और डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना की टीमें खिताब के लिए टकराएंगी। दोनों ही महाशक्तियों ने पूरे टूर्नामेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की की है।
फ्रांस को पछाड़कर खिताबी जंग में पहुंचा स्पेन स्पेन की टीम ने सेमीफाइनल के कड़े मुकाबले में खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही फ्रांस की टीम को पूरी तरह से बैकफुट पर धकेलते हुए फाइनल का टिकट हासिल किया। पूरे मैच के दौरान स्पेनिश खिलाड़ियों ने गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा और सटीक आक्रमणों की बदौलत प्रतिद्वंद्वी टीम को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
स्पेन का इस टूर्नामेंट में सफर काफी प्रभावशाली रहा है। ग्रुप-एच में शीर्ष पर रहते हुए टीम ने अपने अभियान की शुरुआत केप वर्डे के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ से की थी। इसके बाद स्पेन ने सऊदी अरब को 4-0 और उरुग्वे को 1-0 से मात देकर नॉकआउट दौर में प्रवेश किया। नॉकआउट चरणों में टीम ने ऑस्ट्रिया को 3-0, पुर्तगाल को 1-0 और बेल्जियम को 2-1 से पराजित किया। गौरतलब है कि बेल्जियम के खिलाफ मैच में ही स्पेन ने इस विश्व कप का पहला गोल खाया था। अब स्पेन वर्ष 2010 के बाद पहली बार विश्व कप के फाइनल में कदम रख रहा है, जब उसने अपना पहला खिताब जीता था।
खिताब की रक्षा करने उतरेगा अर्जेंटीना दूसरी ओर, मौजूदा विश्व और दक्षिण अमेरिकी चैंपियन अर्जेंटीना ने भी बेहद रोमांचक सफर तय करते हुए लगातार दूसरी बार विश्व कप के फाइनल में प्रवेश किया है। ग्रुप चरण में अर्जेंटीना ने अल्जीरिया को 3-0, ऑस्ट्रिया को 2-0 और जॉर्डन को 3-1 से शिकस्त दी थी। टीम के स्टार कप्तान लियोनेल मेसी अब तक इस टूर्नामेंट में 8 गोल दाग चुके हैं, जिससे विश्व कप इतिहास में उनके कुल गोलों की संख्या 21 तक पहुंच गई है।
नॉकआउट दौर में अर्जेंटीना का सफर काफी चुनौतीपूर्ण रहा, जहां उसने केप वर्डे को अतिरिक्त समय में 3-2 से हराया। इसके बाद मिस्र के खिलाफ 0-2 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए 3-2 से जीत दर्ज की। क्वार्टर फाइनल में स्विट्जरलैंड को अतिरिक्त समय में 3-1 से और सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआती पिछड़ेपन से उबरते हुए 2-1 से मात देकर फाइनल का सफर तय किया।
विश्व कप में दोनों का पुराना इतिहास विश्व कप के इतिहास में इन दोनों टीमों का सामना इससे पहले केवल एक बार, वर्ष 1966 में हुआ था, जिसमें अर्जेंटीना ने स्पेन को 2-1 से हराया था। वहीं, दोनों देशों के बीच अब तक कुल 13 मैत्रीपूर्ण (फ्रेंडली) मैच खेले गए हैं, जिनमें स्पेन ने 6 और अर्जेंटीना ने 5 मैचों में जीत हासिल की है, जबकि 2 मैच ड्रॉ रहे। इन दोनों के बीच आखिरी भिड़ंत साल 2018 में हुई थी, जहां स्पेन ने 6-1 से एकतरफा जीत दर्ज की थी।
फाइनल की बाधा पार करने की चुनौती फीफा विश्व कप का इतिहास गवाह है कि कई मजबूत टीमें फाइनल तक पहुंचने के बावजूद कभी चैंपियन बनने का गौरव हासिल नहीं कर सकीं। नीदरलैंड्स इस सूची में सबसे ऊपर है, जिसे तीन बार फाइनल खेलने के बाद भी उपविजेता से संतोष करना पड़ा। चेकोस्लोवाकिया (अब चेकिया) और हंगरी भी दो-दो बार फाइनल में हार गए, जबकि क्रोएशिया और स्वीडन को एक-एक बार फाइनल में शिकस्त झेलनी पड़ी। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि फाइनल में पहुंचना जितना जटिल है, ट्रॉफी जीतना उससे कहीं अधिक कठिन है।
मैदान पर देखने को मिलेंगी ये तीन बड़ी व्यक्तिगत भिड़ंत इस महामुकाबले का परिणाम कुछ खास खिलाड़ियों के बीच होने वाली टक्कर पर निर्भर करेगा:
- लियोनेल मेसी बनाम आयमेरिक लापोर्टे: 39 वर्षीय मेसी इस समय 8 गोल और 4 असिस्ट के साथ गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे हैं। स्पेन की रक्षापंक्ति के मुख्य आधार आयमेरिक लापोर्टे हैं, जिन्होंने युवा डिफेंडर पाउ कुबार्सी के साथ मिलकर इस टूर्नामेंट में विपक्षी टीमों को सिर्फ एक गोल करने दिया है। मेसी को रोकना ही स्पेन की जीत की कुंजी होगी।
- रोड्री बनाम एंजो फर्नांडेज़: मिडफील्ड में स्पेन के कप्तान रोड्री का मुकाबला अर्जेंटीना के एंजो फर्नांडेज़ से होगा। रोड्री ने टूर्नामेंट में सर्वाधिक 648 सफल पास 93% सटीकता के साथ दिए हैं। वहीं, फर्नांडेज़ ने नॉकआउट दौर में मिस्र और इंग्लैंड के खिलाफ महत्वपूर्ण गोल करके अपनी टीम को फाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।
- लामिन यामाल बनाम निकोलस टैग्लियाफिको: स्पेन के युवा विंगर लामिन यामाल अपनी गति और आक्रामकता से इस विश्व कप के सबसे खतरनाक खिलाड़ी साबित हुए हैं। उन्हें रोकने का दारोमदार अर्जेंटीना के 33 वर्षीय अनुभवी लेफ्ट बैक निकोलस टैग्लियाफिको पर होगा, जो 2022 की विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रह चुके हैं।
इस निर्णायक मुकाबले में जो भी टीम इन व्यक्तिगत मोर्चों पर बढ़त बनाएगी, उसके विश्व कप 2026 की चमचमाती ट्रॉफी उठाने की संभावना सबसे अधिक होगी।