भोपाल को मिला चौथा रेलवे स्टेशन: निशातपुरा में दो प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव शुरू, रेल विकास योजनाओं पर बोले मुख्यमंत्री

भोपाल को मिला चौथा रेलवे स्टेशन: निशातपुरा में दो प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव शुरू, रेल विकास योजनाओं पर बोले मुख्यमंत्री

भोपाल शहर की रेल व्यवस्था को और सुदृढ़ करते हुए नव-विकसित निशातपुरा रेलवे स्टेशन का आधिकारिक शुभारंभ कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को निशातपुरा स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में मालवा एक्सप्रेस और वेरावल-जबलपुर एक्सप्रेस को नए ठहराव के साथ हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। भोपाल में रानी कमलापति, भोपाल मुख्य और संत हिरदाराम स्टेशन के बाद निशातपुरा अब शहर का चौथा प्रमुख स्टेशन बन गया है।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारतीय रेलवे में पिछले 12 वर्षों में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। निशातपुरा स्टेशन के बन जाने से नई दिल्ली की ओर से उज्जैन और इंदौर जाने वाली रेलगाड़ियों को अब इंजन या ट्रैक बदलने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी। सिंहस्थ 2028 की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस महाकुंभ में करीब 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है। ऐसे में 14 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह स्टेशन यात्री भार को विभाजित करने में बेहद सहायक सिद्ध होगा।

रेलवे बुनियादी ढांचे के आंकड़ों को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शत-प्रतिशत रेल लाइन का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है। भोपाल के पास अब आधुनिक रेल कोचों का निर्माण भी किया जाएगा। उन्होंने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती 2009-2014 के कार्यकाल में राज्य को रेल बजट के रूप में 632 करोड़ रुपये प्राप्त होते थे, जो अब बढ़कर 15,288 करोड़ रुपये (वर्ष 2026-27) हो चुके हैं। प्रदेश में वर्तमान में 1,18,000 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जबकि 2800 किलोमीटर नई रेल पटरियां बिछाई जा चुकी हैं।

समारोह में राज्य के खेल, युवा कल्याण एवं सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य की डबल इंजन सरकार विकास और सांस्कृतिक विरासत को साथ लेकर चल रही है। उन्होंने घोषणा की कि निशातपुरा के समीप द्वारका नगर से खेड़ापति हनुमान मंदिर के बीच 6-लेन वाला रेलवे ओवरब्रिज भी तैयार किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह ने कार्यक्रम में बताया कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए बुनियादी ढांचे को लगातार अपडेट किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में 13 अमृत स्टेशनों के जीर्णोद्धार का कार्य पूर्ण हो चुका है। इसके साथ ही खजुराहो-वाराणसी वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें चलाने के अलावा कटनी-सिंगरौली-रीवा-सतना रूट का दोहरीकरण और बीना-इटारसी तीसरी लाइन का काम किया गया है। शुभारंभ अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, रेलवे मंडल प्रबंधक पंकज त्यागी और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

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