मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. Mohan Yadav (मोहन यादव) ने शुक्रवार को झाबुआ जिले के थांदला स्थित शासकीय महाविद्यालय मैदान में आयोजित एक विशाल सम्मेलन के दौरान राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिला स्व-सहायता समूहों को 300 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने झाबुआ अंचल के सर्वांगीण विकास के लिए 283.81 करोड़ रुपये की कुल 57 विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और पूर्ण हो चुके कार्यों का लोकार्पण किया। आयोजन में विभिन्न शासकीय योजनाओं के लाभार्थियों को सामग्री एवं स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए, साथ ही प्रतिभावान विद्यार्थियों और खिलाड़ियों का सम्मान भी किया गया।
प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के प्रशासनिक प्रयासों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार त्रिस्तरीय पंचायतों और नगरीय निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत तथा शासकीय नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था लागू कर चुकी है। उन्होंने संसद में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने की केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाएं स्व-सहायता समूहों, कृषि, बैंक और उद्यमिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही हैं। वर्तमान में प्रदेश की बहनें प्रतिमाह 10 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिख रही हैं।
आजीविका गतिविधियों के आंकड़ों को प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्व-सहायता समूहों द्वारा 196 दीदी कैफे और 85 आजीविका पुस्तकालयों का सफल संचालन किया जा रहा है, जिनमें से 4 कैफे अकेले झाबुआ में कार्यरत हैं। ऐतिहासिक संदर्भों का स्मरण करते हुए उन्होंने अहिल्याबाई होल्कर द्वारा भील पलटन के गठन तथा रानी दुर्गावती, वीरांगना अवंतीबाई और रानी लक्ष्मीबाई के ऐतिहासिक योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने घोषणा की कि आगामी शैक्षणिक सत्र से स्कूली विद्यार्थियों की गणवेश की सिलाई का दायित्व भी स्व-सहायता समूहों की बहनों को ही सौंपा जाएगा।
रोजगार और औद्योगिक विकास पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि ग्वालियर में नए संचार केंद्र की स्थापना से 14 हजार युवाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं धार जिले में स्थापित हो रहे देश के पहले ‘पीएम मित्र पार्क’ से लगभग 3 लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनजातीय क्षेत्रों में दिए गए पट्टों की निःशुल्क रजिस्ट्री कराई जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय निवासियों से दूध उत्पादन और गौशालाओं के संचालन में आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि क्षेत्र से युवाओं का पलायन रोकने के लिए बड़े उद्योगों की स्थापना की जा रही है।
कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि झाबुआ की भूमि जैविक एवं प्राकृतिक खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त है। राज्य में 89 ‘ड्रोन दीदियां’ फसलों पर कीटनाशकों के छिड़काव का कार्य आधुनिक तरीके से कर रही हैं। इस वर्ष मध्य प्रदेश ने 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं का रिकॉर्ड उपार्जन कर देश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। झाबुआ जिले में 11,900 से अधिक स्व-सहायता समूह 1.56 लाख से अधिक परिवारों की आजीविका का साधन बन चुके हैं, और कड़कनाथ मुर्गी पालन, मत्स्य पालन तथा पशुपालन से आर्थिक समृद्धि आ रही है।
समाजिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के विषय पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश विधानसभा से समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पारित हो चुका है, जिससे जनजातीय समुदाय को मुक्त रखा गया है। उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अवैध धर्म परिवर्तन कराने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर पूर्ण रोक लगाने के लिए हर जिले में महिला थाने और महिला सुरक्षा डेस्क स्थापित किए जा रहे हैं तथा गंभीर अपराध के दोषियों को फांसी की सजा का प्रावधान है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि केंद्र के सहयोग से बालाघाट, मंडला और डिंडौरी जिलों से नक्सलवाद का पूरी तरह उन्मूलन कर दिया गया है।
क्षेत्रीय सौगातों की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने झाबुआ में 70 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले शासकीय आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय का भूमि-पूजन किया और थांदला में 35.29 करोड़ रुपये की लागत से सांदीपनि विद्यालय, पक्का हेलीपैड तथा थांदला से रेल सेवा गुजरने की जानकारी दी। उन्होंने रणजी क्रिकेट टीम में चयनित थांदला के खिलाड़ी अर्पित भटेवरा को सम्मानित किया। कार्यक्रम को प्रभारी मंत्री कुंवर विजय शाह, महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया और सांसद अनीता चौहान ने भी संबोधित किया, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक एवं स्व-सहायता समूहों की प्रतिनिधि उपस्थित थीं।