भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व और पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के मार्गदर्शन में 15 से 30 जुलाई 2026 तक संचालित 15 दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” का सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस व्यापक अभियान ने राज्य प्रशासन, पुलिस विभाग, सामाजिक न्याय, उच्च व स्कूल शिक्षा विभाग, शिक्षण संस्थानों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम नागरिकों के साझा सहयोग से एक विशाल जनआंदोलन का रूप धारण कर लिया। इस पहल का प्राथमिक ध्येय युवाओं को नशे के दुष्चक्र से बचाना, समाज में सहानुभूतिपूर्ण संवाद को बढ़ावा देना, नशा पीड़ितों को परामर्श व पुनर्वास से जोड़ना तथा पुलिस की भूमिका को केवल कानून व्यवस्था तक सीमित न रखकर एक सामुदायिक नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करना था।
अभियान की अभूतपूर्व सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने समस्त पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारियों, सहयोगी विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं और नागरिकों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ यह मुहिम केवल पुलिस विभाग का कार्यक्रम न रहकर संपूर्ण समाज का सामूहिक आंदोलन बन गई है। प्रदेशवासियों की सक्रिय भागीदारी ने साबित कर दिया है कि सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध सामूहिक संकल्प ही सबसे बड़ी ताकत है। 15 दिनों तक चले इस गहन जागरूकता कार्यक्रम के तहत एफएम व स्थानीय रेडियो प्रसारण, सार्वजनिक स्थलों पर होर्डिंग्स, बैनर, पंपलेट वितरण, बस स्टैंडों और प्रमुख चौराहों पर डिजिटल स्क्रीन तथा स्वच्छता वाहनों के पीए सिस्टम का उपयोग कर संदेश प्रसारित किया गया। खेतों में कार्यरत किसानों तथा कारखानों के श्रमिकों तक पहुँच बनाने के साथ-साथ सोशल मीडिया पर #नशे_से_दूरी_है_जरूरी 2.0, #SayNoToDrugs और #NashamuktMP हैशटैग के माध्यम से व्यापक संदेश फैलाया गया।
आयोजन स्थलों पर ‘सेल्फी पॉइंट’ स्थापित किए गए और नारकोटिक्स से संबंधित शिकायतों तथा परामर्श के लिए हेल्पलाइन नंबर 1933, 14446, आधिकारिक वेबसाइट https://ncbmanas.gov.in एवं म.प्र. पुलिस नारकोटिक्स विभाग के मोबाइल नंबर 7049100785 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। इसके साथ ही कैप्स, रिस्ट बैंड्स, बैज और पोस्टर जैसी प्रचार सामग्री वितरित की गई। हार्टफुलनेस संस्था, सामाजिक न्याय विभाग और एमएसएमई विभाग की सक्रिय सहभागिता से नुक्कड़ नाटक, संगीत कार्यक्रम, कार्यशालाएं, रैलियां और विविध प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। राज्य के स्कूलों, कॉलेजों, ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों में सामूहिक शपथ ग्रहण समारोह हुए, जिनमें जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिला समूहों, शिक्षकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, औद्योगिक श्रमिकों और एनजीओ, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, स्काउट-गाइड तथा स्वयं सहायता समूहों ने प्रमुख भूमिका निभाई।
इस अभियान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पटल पर स्थापित करने में कला, साहित्य, खेल, अध्यात्म और समाज सेवा से जुड़ी 60 से अधिक प्रमुख हस्तियों का योगदान रहा। अभिनय व हास्य क्षेत्र से गोविंद नामदेव, पंकज त्रिपाठी, सुधांशु पांडे, दयानंद शेट्टी, जय भानुशाली, नील नितिन मुकेश, विवेक ओबेरॉय, तनुज महाशब्दे, रजनीश दुग्गल, अमजद कुरैशी, कुमुद मिश्रा, अनूप सोनी, सचिन Shroff, शाहबाज़ खान, राकेश बेदी, मनीष शर्मा, विनोद सूर्यवंशी, कुँवर अमर, हृषिकेश पांडे, मुश्ताक़ खान, रोनित रॉय, शरमन जोशी, रोहित तिवारी, नितेश भालूनी, उपासना सिंह, रूपाली गांगुली, निहारिका चौकसे, पलक मुच्छाल, एहसान कुरैशी, सुनील ग्रोवर और सुनील पाल ने युवाओं से नशामुक्ति का आह्वान किया। संगीत व साहित्य जगत से कैलाश खेर, पीयूष मिश्रा, स्वानंद किरकिरे, अल्ताफ राजा, तनिष्क शुक्ला, मान्या पांडे, राखी द्विवेदी, रेणुका पंवार; आध्यात्मिक क्षेत्र से हार्टफुलनेस के मार्गदर्शक कमलेश पटेल (दाजी), पंडित प्रदीप मिश्रा, आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, पंडित विजय शंकर मेहता; खेल क्षेत्र से रजत पाटीदार, आवेश खान, व्यंकटेश अय्यर, अरशद खान, क्रांति गौड़, सौरव गुर्जर, कृपाशंकर पटेल, कपिल परमार, सुरेश श्रीवास्तव; तथा पद्मश्री जगदीश जोशीला, पद्मश्री डॉ. कनुभाई हसमुखभाई टेलर, राजीव वर्मा और बेल्जियम की ट्रैवल ब्लॉगर कारला ने अभियान का समर्थन किया।
मध्यप्रदेश पुलिस ने इस अभियान में व्यापक जनसहभागिता के बल पर 5 विश्व रिकॉर्ड कायम कर इतिहास रचा, जिन्हें ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन’ द्वारा आधिकारिक मान्यता दी गई। इंदौर पुलिस कमिश्नरेट ने 1,75,451 नागरिकों को एक साथ ई-शपथ दिलाने और 8,534 लोगों की मानव श्रृंखला निर्मित करने के दो पृथक रिकॉर्ड बनाए। बड़वानी पुलिस ने 16,700 ड्राइंग शीट्स पर विद्यार्थियों द्वारा नशामुक्त संदेश और चित्र बनवाकर रिकॉर्ड दर्ज कराया। बुरहानपुर पुलिस ने 113 विद्यालयों के 32,000 से अधिक विद्यार्थियों से संयुक्त संदेश लेखन व हस्ताक्षर अभियान चलाकर कीर्तिमान स्थापित किया। वहीं, बालाघाट पुलिस ने 1,204 विद्यालयों के लगभग 1,25,000 विद्यार्थियों को सामूहिक शपथ दिलाने और 5 लाख से अधिक नागरिकों की ऑनलाइन भागीदारी सुनिश्चित करने पर ‘सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस’ प्राप्त किया।
अभियान के सफल संचालन में जिला पुलिस अधीक्षकों के अलावा कलेक्टरों, जनपद सीईओ, सीएमएचओ, शिक्षा अधिकारियों और सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों का विशेष योगदान रहा। अनेक विधायकों, नगर निगम व पंचायत प्रतिनिधियों ने भी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर कार्यक्रमों को संबल प्रदान किया। सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों के जरिए करोड़ों लोगों तक पहुंचे इस अभियान ने पूरे प्रदेश में एक सकारात्मक माहौल तैयार किया है। मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रतिबद्धता दोहराई है कि जनसहभागिता पर आधारित इस प्रकार के जागरूकता प्रयास भविष्य में भी लगातार संचालित किए जाते रहेंगे।