नई दिल्ली। राष्ट्रमंडल खेल (कॉमनवेल्थ गेम्स) 2026 में 1 स्वर्ण, 6 रजत और 1 कांस्य सहित कुल 8 पदक जीतकर स्वदेश लौटे भारतीय वेटलिफ्टिंग दल का सोमवार को केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने औपचारिक अभिनंदन किया और पदक विजेताओं को नकद पुरस्कारों से सम्मानित किया।
आयोजित सम्मान समारोह में केंद्रीय मंत्री ने प्रदर्शन के आधार पर नकद राशि वितरित की। इसके तहत स्वर्ण पदक विजेता को 30 लाख रुपये, रजत पदक विजेताओं को 20 लाख रुपये तथा कांस्य पदक विजेता को 10 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई। इस दौरान मांडविया ने कहा कि खिलाड़ियों के इस शानदार प्रदर्शन पर पूरे देश को गर्व है। संसद सत्र के दौरान भी एथलीटों की सफलताओं की सूचना दी गई, जिसने हर भारतीय का सिर ऊंचा कर दिया।
प्रतियोगिता के उत्कृष्ट प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए मांडविया ने बताया कि ओलंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई चानू ने लगातार तीसरे कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतकर नया इतिहास रचा है। इसके अतिरिक्त ऋषिकांत सिंह और वल्लुरी अजय बाबू ने स्नैच वर्ग में नए गेम्स रिकॉर्ड कायम किए, जबकि ज्ञानेश्वरी यादव तथा हरजिंदर कौर सहित कई खिलाड़ियों ने अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया।
खिलाड़ियों की इस सफलता में उनके गुरुओं के योगदान को रेखांकित करते हुए खेल मंत्री ने द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता विजय शर्मा और पूरी कोचिंग टीम की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि एक चैंपियन को तराशने में कोच की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। देश के खेल ढांचे का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि दल के 11 में से 6 खिलाड़ी ‘खेलो इंडिया’ योजना से जुड़े रहे हैं। पदक विजेता ज्ञानेश्वरी यादव खेलो इंडिया की एथलीट हैं, वहीं बिंद्यारानी देवी और हरजिंदर कौर जैसे खिलाड़ी पटियाला स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण के ‘नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (NCOE) में प्रशिक्षण लेते हैं।
आगामी एशियन गेम्स 2026 की तैयारियों पर चर्चा करते हुए मांडविया ने पदक से मामूली अंतर से चूकने वाले एथलीटों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि एक सच्चा खिलाड़ी कभी पराजित नहीं होता और उसमें निरंतर सुधार का जुनून होना चाहिए। खेल मंत्री ने एथलीटों से स्कूलों और कॉलेजों में जाकर युवाओं को खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित करने का भी आह्वान किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद और 140 करोड़ देशवासियों के समर्थन के साथ सरकार खिलाड़ियों की क्षमता पर पूरा विश्वास रखती है और उन्हें विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है।