भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति घोषणा से पूर्व निवेशकों द्वारा अपनाए गए सतर्क रवैये के कारण मंगलवार को देश के शेयर बाजारों में पिछले चार सत्रों से चली आ रही तेजी थम गई। वित्तीय, आईटी और बैंकिंग क्षेत्र के शेयरों में हुई बिकवाली के परिणामस्वरूप प्रमुख शेयर सूचकांक लाल निशान में चले गए।
इस बिकवाली के चलते सेंसेक्स 210.08 अंक (0.27 प्रतिशत) घटकर 78,428.95 के स्तर पर बंद हुआ। इसी प्रकार, निफ्टी सूचकांक में भी 159.40 अंक (0.64 प्रतिशत) की कमी दर्ज की गई और यह 24,614.90 के स्तर पर सिमट गया।
दलाल स्ट्रीट का मुख्य ध्यान अब बुधवार को घोषित होने वाली केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा पर केंद्रित है। बाजार प्रतिभागी यह देखने के लिए प्रतीक्षारत हैं कि रिजर्व बैंक ब्याज दरों, महंगाई नियंत्रण और आर्थिक वृद्धि की रफ्तार को लेकर क्या रुख अपनाता है।
मंगलवार को बाजार को नीचे खींचने में ग्रासिम इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस तथा हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों की प्रमुख भूमिका रही। सेक्टोरल फ्रंट पर निफ्टी रियल्टी में सबसे अधिक गिरावट आई और यह 2 प्रतिशत से ज्यादा टूट गया। इसके साथ ही निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी बैंक और निफ्टी प्राइवेट बैंक के सूचकांक भी गिरावट के साथ बंद हुए।
व्यापक बाजार के अंतर्गत निफ्टी मिडकैप में 0.29 प्रतिशत की नरमी रही, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 0.23 प्रतिशत चढ़कर बंद होने में सफल रहा।
लगातार चार दिनों की बढ़त के बाद बाजार में आया यह ठहराव आरबीआई के आगामी नीतिगत रुख पर निर्भर करेगा। अब बाजार की अगली चाल केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दर, महंगाई और लिक्विडिटी (तरलता) को लेकर दिए जाने वाले संकेतों से निर्धारित होगी।