महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान पूर्व में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन प्रतिवेदन की विस्तार से जांच की। बैठक की शुरुआत करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं में केवल औपचारिक बातचीत के बजाय वास्तविक परिणामों पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।
योजनाओं के क्रियान्वयन पर चर्चा करते हुए मंत्री ने लाड़ली बहना योजना को स्वरोजगार से जोड़ने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने महिला वित्त विकास निगम के तहत लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि लाड़ली बहनों को स्वावलंबी बनाने की मुख्यमंत्री की योजना में कोई शिथिलता न आए। इसके साथ ही, ‘आईपीई ग्लोबल’ के माध्यम से 1.6 लाख महिलाओं को आजीविका से जोड़ने वाले समझौते पर तत्काल ज़मीनी कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य और पोषण के मोर्चे पर, खंडवा जिले के मोर्टक्का में बच्चों को दिए गए ड्राईफ्रूट पाउडर के सकारात्मक नतीजों के आधार पर उसकी अंतिम रिपोर्ट 48 घंटे के भीतर तलब की गई है, ताकि इस मॉडल को चालू माह में ही पूरे प्रदेश में विस्तारित किया जा सके। कुपोषण उन्मूलन के लिए तमिलनाडु के आयुर्वेदिक तरीकों के अध्ययन हेतु बनी टीम को सितंबर तक रणनीति पेश करने को कहा गया है, जबकि महाराष्ट्र, गुजरात, ओडिशा और केरल के सफल मॉडल्स का भी अध्ययन जारी है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की भर्ती के संबंध में जानकारी दी गई कि प्रथम चरण में 92 प्रतिशत और द्वितीय चरण में 67 प्रतिशत नियुक्ति आदेश दिए जा चुके हैं। उज्जैन में आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा नियुक्ति पत्र सौंपे जाने के बाद अन्य जिलों में यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके अलावा, टेक-होम राशन की आपूर्ति स्व-सहायता समूहों को वापस सौंपने के निर्णय पर अगले हफ्ते टेंडर प्रक्रिया का प्रेजेंटेशन मांगा गया है।
विभागीय कामकाज में गुणवत्ता लाने के लिए एम्स भोपाल द्वारा तैयार किए जा रहे एआई सिस्टम के जरिए पोषण ट्रैकर की निगरानी की जाएगी, जिसमें निपसिड और एनआईएन की सहायता ली जाएगी। इसके अतिरिक्त, सक्षम आंगनवाड़ी-पोषण 2.0, मिशन वात्सल्य और मिशन शक्ति की संयुक्त समीक्षा की जिम्मेदारी मुख्य सचिव को सौंपी गई है। मंत्री ने अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर योजनाओं को एकीकृत करने और नीतिगत संशोधनों का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है, जिसकी समीक्षा दो सप्ताह बाद पुनः की जाएगी।