केंद्र सरकार ने भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए अपनी आंशिक हिस्सेदारी बेचकर 31,552 करोड़ रुपये का पूंजी जुटाने में सफलता हासिल की है। इस पेशकश को संस्थागत और खुदरा दोनों श्रेणियों के निवेशकों से काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।
निवेश एवं लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए जानकारी दी कि यह निर्गम दोनों दिन ओवरसब्सक्राइब हुआ। निवेशकों की भारी मांग को देखते हुए सरकार ने ग्रीन शू विकल्प को पूरी तरह से लागू करने का फैसला किया।
इस बिक्री प्रक्रिया के संपन्न होने से LIC में आम जनता यानी सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़कर 10 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इसके साथ ही बीमा कंपनी ने सूचीबद्ध संस्थाओं के लिए अनिवार्य न्यूनतम सार्वजनिक हिस्सेदारी (MPS) के मानदंड को समय से पहले ही सफलता पूर्वक पूरा कर लिया है।
दीमम (DIPAM) के आंकड़ों के मुताबिक, इस OFS प्रक्रिया के तहत कुल 82,23,33,558 शेयर आवंटित किए गए। जुटाए गए फंड के आधार पर यह भारतीय बाजार का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक ऑफरिंग बन गया है।
अधिकारियों ने इस निर्गम में रिटेल और इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की और सरकारी उपक्रमों पर उनके अटूट विश्वास के लिए धन्यवाद दिया। वहीं, व्यापारिक सत्र के अंत में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर LIC का शेयर 0.43 फीसदी की मजबूती दर्शाते हुए 393 रुपये पर बंद हुआ।
शुरुआती योजना के अनुसार, सरकार ने 2.5 फीसदी इक्विटी बेचने का प्रस्ताव रखा था, जिसमें 4 फीसदी अतिरिक्त ग्रीन शू विकल्प भी शामिल किया गया था। इस निर्गम के लिए फ्लोर प्राइस 382 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया गया था। दो दिवसीय बिक्री प्रक्रिया में पहले दिन गैर-खुदरा और दूसरे दिन खुदरा निवेशकों के लिए बोलियां स्वीकार की गईं, जिसके माध्यम से विनिवेश के इस बड़े लक्ष्य को प्राप्त किया गया।