मध्यप्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार करते हुए रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजारापु राममोहन नायडू ने चार नई सीधी उड़ानों का शुभारंभ किया। इस पहल के तहत अलायंस एयर द्वारा संचालित भोपाल-रीवा, भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता मार्गों पर विमान सेवाएं शुरू की गई हैं। उद्घाटन के अवसर पर राजा भोज विमानतल से रवाना हुई भोपाल-रीवा की पहली फ्लाइट में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भी यात्रियों के साथ सवार हुए।
राजा भोज हवाई अड्डे पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि ये सेवाएं ‘मध्यप्रदेश नागर विमानन नीति-2025’ के तहत शुरू की गई हैं, जिसमें राज्य शासन प्रत्येक राउंड ट्रिप के लिए एयरलाइन को 10 लाख रुपये तक की वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) सहायता दे रहा है। इन सीधी उड़ानों से यात्रियों के समय में व्यापक बचत होगी। जो सफर ट्रेन से तय करने में 10 से 22 घंटे का समय लेता था, वह अब हवाई मार्ग से मात्र 1.5 से 2.5 घंटे में पूरा हो जाएगा। हवाई किरायों को भी नियंत्रित रखते हुए 3,200 रुपये से 4,500 रुपये के दायरा-सीमा में रखा गया है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक और अहम घोषणा करते हुए कहा कि आगामी दो महीनों में भोपाल से शारजाह के लिए पहली अंतर्राष्ट्रीय उड़ान शुरू की जाएगी। इसके अलावा, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने प्रदेश में पांच नए एयरपोर्ट्स के निर्माण की मंजूरी प्रदान की है, जिनमें सबसे पहले सिंगरौली में एयरपोर्ट तैयार किया जाएगा। राज्य में पिछले तीन वर्षों के दौरान रीवा, सतना और दतिया में नए एयरपोर्ट शुरू हो चुके हैं, जबकि उज्जैन और शिवपुरी में निर्माण कार्य प्रगति पर है।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजारापु राममोहन नायडू ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार ‘उड़ान’ योजना के अगले चरण के तहत आगामी दस वर्षों (2036 तक) में सिविल एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर लगभग 29,000 करोड़ रुपये व्यय करेगी। उन्होंने कहा कि मजबूत विमानन नेटवर्क क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था, रियल एस्टेट और रोजगार के अवसरों को गति प्रदान करता है। केंद्र सरकार मध्यप्रदेश के हर 150 किलोमीटर पर एयरपोर्ट, हर 75 किलोमीटर पर एयरस्ट्रिप और हर 45 किलोमीटर पर हेलिपैड विकसित करने के लक्ष्य में पूरा सहयोग करेगी।
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल तथा केंद्रीय नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि विंध्य और महाकौशल क्षेत्र का पूर्वी भारत के प्रमुख आर्थिक व औद्योगिक केंद्रों से जुड़ना क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। रीवा और जबलपुर का कोलकाता से सीधा संपर्क स्थानीय एमएसएमई, व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को नए अवसर देगा। साथ ही कृषि उड़ान योजना के माध्यम से किसानों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने तथा विमानन क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं को कोर्स फीस में 60 प्रतिशत सरकारी अनुदान की व्यवस्था से दूरगामी लाभ मिलेंगे।