मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के विकास, स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और ढांचागत विस्तार को गति देने वाले कई अहम फैसलों पर स्वीकृति दी गई। बैठक के दौरान भोपाल को मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भोपाल-विदिशा मार्ग के उन्नयन सहित राज्य के विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 47,990 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई।
राजधानी भोपाल के मेट्रोपोलिटन स्वरूप को बल देने के लिए भोपाल-विदिशा मार्ग (44.83 किमी) को 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर के रूप में विकसित करने हेतु 1,757.57 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के तहत बनने वाले इस मार्ग की 40 प्रतिशत निर्माण लागत राज्य सरकार वहन करेगी, जबकि 60 प्रतिशत राशि अगले 15 वर्षों में छमाही किश्तों के माध्यम से दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, भू-अर्जन व अन्य कार्यों के लिए 364.41 करोड़ रुपये पृथक से स्वीकृत किए गए हैं। यह मार्ग भानपुर टी-जंक्शन से शुरू होकर सांची-सलामतपुर पर समाप्त होता है, जो यूनेस्को धरोहर सांची स्तूप और कर्क रेखा जैसे महत्वपूर्ण स्थलों को जोड़ते हुए क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देगा।
इसके साथ ही, भोपाल बायपास (51.963 किमी) को 4-लेन से 6-लेन में परिवर्तित करने की योजना के तहत 19 जुलाई 2026 से 31 दिसंबर 2031 तक उपयोगकर्ता शुल्क (टोल) संग्रहण की अनुमति प्रदान की गई है। लोक निर्माण विभाग को इस अवधि को 5 वर्ष और बढ़ाने के लिए अधिकृत किया गया है। एकत्र की गई टोल राशि राज्य राजमार्ग निधि में जमा होगी, जिसका उपयोग मार्गों के रखरखाव और विकास में किया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और निरंतरता के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की अवधि हेतु कुल 44,515.13 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के लिए 28,083.47 करोड़ रुपये और आयुष्मान भारत योजना के लिए 12,123.81 करोड़ रुपये शामिल हैं। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य संस्थानों की सुरक्षा एवं सफाई के लिए 1,159.58 करोड़ रुपये तथा पिछले कई दशकों से संचालित जिला स्तरीय अमला योजना के लिए 654.84 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
कृषि और पर्यावरण क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अधीन नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट (कृषि विज्ञान केंद्र) की स्थापना हेतु सीहोर जिले की इछावर तहसील के ग्राम भाऊखेड़ी में 20 हेक्टेयर भूमि स्थायी पट्टे पर आवंटित की गई है। वनों के संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संयुक्त वन प्रबंधन समितियों की लाभांश योजना को वर्ष 2030-31 तक जारी रखने के लिए 918 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिसका लाभ अब स्थानीय मजदूरों के साथ-साथ क्षेत्र के निवासियों को भी मिलेगा। इसके अलावा, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय को आगामी 5 वर्षों के संचालन हेतु 795.59 करोड़ रुपये की ब्लॉक ग्रांट स्वीकृत की गई है।
महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं के लिए ‘रानी दुर्गावती राज्य स्तरीय पुरस्कार’ की राशि को बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया गया है। वहीं, ‘रानी अवंती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार’ की राशि को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने का अनुमोदन किया गया है। बैठक में खनिज साधन विभाग की परिसंपत्तियों व भवनों के संधारण के लिए 2.50 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। साथ ही, देवास पटाखा फैक्ट्री दुर्घटना की जांच कर रहे एकल सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग की अवधि 3 महीने (14 अगस्त 2026 तक) बढ़ाने और मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के 63वें, 64वें तथा 68वें वार्षिक प्रतिवेदन को विधानसभा पटल पर रखने को मंजूरी दी गई।