भारत और लाइबेरिया ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान अपने पारस्परिक संबंधों के संपूर्ण दायरे की समीक्षा की। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और भारत की आधिकारिक यात्रा पर आईं लाइबेरिया की विदेश मंत्री सारा बेइसोलोव न्यांती के बीच संपन्न इस बैठक में दोनों देशों के बीच बहुआयामी साझेदारी को सुदृढ़ करने पर बल दिया गया।
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, 13 अगस्त को भारत पहुंचीं लाइबेरिया की विदेश मंत्री के साथ हुई इस औपचारिक चर्चा में कृषि, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, स्वास्थ्य, खनन, व्यापार और निवेश के साथ-साथ शिक्षा, क्षमता निर्माण तथा जन-जन के संपर्क जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को लेकर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।
इस कूटनीतिक मुलाकात के दौरान डॉ. एस. जयशंकर ने नई दिल्ली स्थित लाइबेरियाई दूतावास के औपचारिक उद्घाटन और उसके कामकाज शुरू होने पर लाइबेरिया की विदेश मंत्री को बधाई दी, जिसे दोनों देशों के बीच प्रशासनिक और कूटनीतिक जुड़ाव के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वार्ता के संदर्भ में विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए जानकारी दी कि दोनों नेताओं के बीच वाणिज्यिक शिपिंग की सुरक्षा, खनन क्षेत्र, कृषि, स्वास्थ्य, जल संरक्षण और प्रशिक्षण जैसे आवश्यक मुद्दों पर रचनात्मक संवाद हुआ। इसके अलावा, वैश्विक पटल पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में लंबे समय से लंबित सुधारों की अनिवार्यता पर भी दोनों पक्षों ने अपने विचार साझा किए।
यह वार्ता दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को व्यापारिक, तकनीकी और संस्थागत स्तर पर और अधिक प्रगाढ़ बनाने की दिशा में एक अहम कड़ी के रूप में देखी जा रही है।