मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आगर मालवा में निकली भव्य कलश यात्रा को संबोधित किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन संस्कृति सदैव समावेशी सोच और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की प्रेरणा देती है। धार्मिक व मांगलिक अनुष्ठान समाज में सौहार्द और पारस्परिक एकता को प्रगाढ़ करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगर मालवा की ऐतिहासिक पहचान धर्म और सांस्कृतिक चेतना से जुड़ी है। यहां की कलश यात्रा आस्था और मंगल की परिचायक होने के साथ-साथ प्रकृति के प्रति दायित्वबोध भी कराती है। हमारी सनातन संस्कृति में जल को देवतुल्य और जीवनदाता माना गया है, इसलिए ऐसे आयोजनों से जल संचयन तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचता है।
डॉ. यादव ने कार्यक्रम में मातृशक्ति की सहभागिता को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य प्रशासन महिलाओं के कल्याण, सशक्तिकरण, सुरक्षा और स्वावलंबन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सांस्कृतिक अनुष्ठान बच्चों और युवाओं को अपनी परंपराओं से जोड़ते हैं तथा उनमें सकारात्मक मूल्यों का रोपण करते हैं। नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ना समय की मांग है।
प्रदेश के विकास कार्यों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सांस्कृतिक उत्थान के साथ-साथ आर्थिक व बुनियादी विकास को नई गति दी जा रही है। सड़क, पेयजल, विद्युत व्यवस्था, कृषि सुधार, उद्योग और नए रोजगार अवसरों पर निरंतर कार्य जारी है। आगर मालवा के स्थानीय विकास और नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व के दौरान राजस्थान से पधारने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत आगर जिला करेगा, जिसकी आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अंत में उन्होंने जनमानस से स्वच्छता और सेवाभाव अपनाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान विधायक श्री मधु गहलोत ने जानकारी दी कि अगले 4 महीनों के भीतर आगर में जरूरतमंद परिवारों की कन्याओं के लिए एक निःशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।