मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वाधीनता दिवस-2026 के अवसर पर शनिवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में पुलिस और होमगार्ड्स के 47 पदक विजेता अधिकारियों व कर्मचारियों को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न श्रेणियों के प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पदकों और सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक से अलंकृत जवानों के अदम्य साहस, निष्ठा और शौर्य की सराहना की।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस बल को सेवा, सुरक्षा और सुशासन का मुख्य आधार बताया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश लगभग 35 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हुआ है, जो स्वतंत्रता दिवस पर नागरिकों के लिए एक अनमोल उपहार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नक्सल मुक्त भारत के संकल्प के अनुरूप राज्य की हॉक फोर्स और पुलिस जवानों ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए कई नक्सलियों को समाप्त किया, जबकि कई ने आत्मसमर्पण कर विकास की मुख्यधारा अपनाई। सरकार अब बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहे जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए पूरी तरह संकल्पित है।
डॉ. यादव ने पुलिसकर्मियों के कल्याण का उल्लेख करते हुए बताया कि सरकार ने पदोन्नति की बाधाओं को समाप्त किया है। प्रदेश के इतिहास में पहली बार एक ही वर्ष में अब तक 27 हजार 534 पुलिसकर्मियों को पदोन्नत किया गया है। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2023 से अब तक 14 हजार 704 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन पुलिस विभाग में हुआ है और इस वर्ष 9 हजार 751 नए पदों पर भर्ती को प्रशासनिक मंजूरी दी गई है। साथ ही थानों और वरिष्ठ पुलिस कार्यालयों को आधुनिक डिजिटल सेवाओं से जोड़ दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने नशे और साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि बिना किसी साप्ताहिक अवकाश के चौबीसों घंटे सेवा देने वाले जवानों का कार्य अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि आलोचनाओं के बावजूद जवान विषम परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था बनाए रखते हैं। डायल 112 का सायरन सुनते ही अपराधी भाग खड़े होते हैं और संकट के समय पुलिस नागरिकों की पहली मददगार बनकर विश्वास की भावना को मजबूत करती है।
इस अवसर पर विशेष पुलिस महानिदेशक (अपराध अन्वेषण) पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि राज्य पुलिस एआई, ड्रोन, सीसीटीएनएस और ई-एफआईआर जैसी तकनीकों से स्वयं को आधुनिक बना रही है। बीते माह से 25 हजार टैबलेट के उपयोग से अपराधों की विवेचना को पेपरलेस किया गया है। उन्होंने बताया कि ‘सेफ क्लिक’ और ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ जैसे अभियानों से समाज को जोड़ा गया है। इसके अलावा खंडवा में एक नई पुलिस बटालियन तथा तीन नई राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (एसआईएसएफ) की बटालियन स्थापित करने की घोषणा की गई है, और पुलिस बल सिंहस्थ-2028 में आधुनिक सुरक्षा मॉडल पेश करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के आरंभ में पुलिस आर्केस्ट्रा ने देशभक्ति गीत तथा प्रशिक्षु आरक्षकों ने श्रीकृष्ण लीला व पारंपरिक जनजातीय नृत्य प्रस्तुत किए, जिसके लिए मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक दल को विशेष पुरस्कार देने की घोषणा की। समारोह में अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय कुमार शुक्ल, विशेष पुलिस महानिदेशक आदर्श कटियार, होमगार्ड्स महानिदेशक प्रज्ञा श्रीवास्तव सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं परिजन उपस्थित रहे, जबकि एडीजी (विशेष सशस्त्र बल) चंचल शेखर ने आभार व्यक्त किया।