देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून ने एक बार फिर गति पकड़ ली है, जिससे उत्तर और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। उत्तर प्रदेश में प्रमुख नदियों के उफान पर होने और लखनऊ में व्यापक जलभराव के बीच हिमाचल प्रदेश में 15 अगस्त तक वर्षा से जुड़े हादसों में 183 मौतों की पुष्टि हुई है। मौसम विज्ञान विभाग ने आने वाले 48 घंटों के लिए कई राज्यों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है।
उत्तर प्रदेश में लगातार वर्षा के चलते लखनऊ के निचले इलाकों में पानी भर गया और सड़कें डूब गईं। राज्य की 11 प्रमुख नदियां उफान पर हैं। चित्रकूट क्षेत्र में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से यूपी-एमपी सीमा को जोड़ने वाला छोटा पुल पूरी तरह पानी में डूब गया, जिससे यातायात बाधित हुआ और बस्तियों में पानी भर गया।
पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और भूस्खलन का असर व्यापक है। हिमाचल प्रदेश में शनिवार शाम तक 103 मार्ग बंद पाए गए। उत्तराखंड में टिहरी जलाशय खतरे के स्तर तक पहुंच चुका है और राज्यभर में 92 से अधिक सड़कें लैंडस्लाइड के कारण बंद हैं। मौसम विभाग ने देहरादून, चंपावत, बागेश्वर, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर के लिए ऑरेंज अलर्ट दिया है। उधर, ओडिशा में 18 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है; यहां जाजपुर के दशरथपुर में कानी नदी का निर्माणाधीन पुल पानी के तेज बहाव में बह गया।
मध्य प्रदेश के रीवा, जबलपुर और शहडोल में वेदर सिस्टम सक्रिय होने से अगले तीन दिनों तक भारी वर्षा का अनुमान है। राजस्थान के 10 जनपदों में तेज बारिश की चेतावनी जारी है। बिहार के पांच जिलों में तेज हवाओं व बिजली गिरने की संभावना के साथ ऑरेंज तथा सात जिलों में येलो अलर्ट है। हरियाणा के भिवानी और सोनीपत में जलजमाव की स्थिति बनी, वहीं छत्तीसगढ़ के कोरबा में मिनीमाता बांगो जलाशय के 5 गेट खोलकर पानी छोड़ा गया।
आगामी पूर्वानुमान के मुताबिक 17 अगस्त को ओडिशा व पश्चिम बंगाल में रेड अलर्ट घोषित किया गया है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, बिहार, झारखंड, असम-मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट रहेगा; जबकि दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, एमपी, छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों में येलो अलर्ट प्रभावी होगा। 18 अगस्त को उत्तराखंड, झारखंड और ओडिशा में ऑरेंज अलर्ट जबकि बाकी प्रभावित क्षेत्रों में येलो अलर्ट की स्थिति रहेगी।