प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं पर नकेल कसने के लिए झारखंड में बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट, जेपीएससी-जेएसएससी में आंतरिक सतर्कता प्रकोष्ठ का होगा गठन

राज्य सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के कानूनी समाधान और त्वरित न्यायिक प्रक्रिया के उद्देश्य से फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन का प्रस्ताव तैयार किया है। हाल ही में परीक्षा सुधारों पर संपन्न हुई विशेष कैबिनेट बैठक के संदर्भ में जारी अधिसूचना के अनुसार, इस संबंध में हाई कोर्ट से आवश्यक अनुमति और सहयोग मांगा जाएगा।

प्रशासन का यह फैसला उन 45 नियुक्ति परीक्षाओं में गड़बड़ी की आशंकाओं के बाद आया है जिनकी समीक्षा की गई थी। इनमें से 22 परीक्षाओं को पूर्णतः रद्द कर दिया गया है और 6 अन्य परीक्षाओं की प्रक्रिया को स्थगित रखा गया है। इसके अतिरिक्त, एसआईटी और सीआईडी द्वारा जुटाई गई जानकारियों के आधार पर 17 पुरानी परीक्षाओं की भी जांच कराई जा रही है, जिससे व्यवस्थागत स्तर पर बुनियादी बदलाव लाए जा सकें।

परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जेपीएससी तथा जेएसएससी दोनों में इंटरनल विजिलेंस सेल सक्रिय किए जाएंगे। इस सेल की मुख्य जिम्मेदारी परीक्षा चक्र के दौरान आयोगों की आंतरिक गतिविधियों पर नजर रखने और किसी भी स्तर पर होने वाली संदिग्ध गतिविधियों को वक्त रहते पकड़ने की होगी।

भर्ती एजेंसियों के चयन, प्रश्नपत्रों की छपाई, गोपनीय सामग्री के सुरक्षित परिवहन से लेकर परीक्षा केंद्रों के संचालन और रिजल्ट निर्माण तक पूरी कड़ी की निगरानी को सुदृढ़ किया जाएगा। व्यवस्थागत सुधारों को अमलीजामा पहनाने के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अगुवाई में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसमें राज्य के प्रमुख संस्थानों के प्रमुख भी भागीदार होंगे।

यह विशेषज्ञ समिति दोनों भर्ती संस्थाओं की मौजूदा व्यवस्था का सिलसिलेवार आकलन करेगी और परीक्षा को पारदर्शी बनाने के ठोस उपाय सुझाएगी। समिति को अपनी जांच और सुधार संबंधी रिपोर्ट दो माह की समयसीमा के भीतर सरकार के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *