पश्चिम एशिया में सुरक्षा और स्थिरता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शेख तहनून बिन जायद अल नाहयान से टेलीफोन पर वार्ता कर द्विपक्षीय कूटनीतिक समन्वय की समीक्षा की।
विदेश मंत्रालय के प्रधान उप प्रवक्ता टॉमी पिगॉट द्वारा जारी सूचना के अनुसार, दोनों शीर्ष अधिकारियों के बीच हुई इस बातचीत में ईरान, लेबनान के घटनाक्रम और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े सुरक्षा पहलुओं पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया गया। दोनों राष्ट्रों ने वाशिंगटन और अबू धाबी के बीच परस्पर संपर्क व साझेदारी को सुचारु रूप से आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
चर्चा के दौरान ईरान तथा उसके समर्थित सशस्त्र समूहों की ओर से उत्पन्न चुनौतियों पर गंभीरता से विचार किया गया। दोनों पक्षों ने लगातार हो रहे हमलों के मद्देनजर संबंधित पक्षों को जवाबदेह ठहराने के लिए संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता बताई, यद्यपि इस संदर्भ में किसी विशिष्ट योजना अथवा हालिया हमलों का विस्तृत उल्लेख नहीं किया गया। इसके अतिरिक्त लेबनान की स्थिति पर भी बात हुई, लेकिन किसी नए सुरक्षा या नीतिगत निर्णय का खुलासा नहीं किया गया।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने विशेष रूप से होर्मुज स्ट्रेट में स्वतंत्र और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और ऊर्जा आपूर्ति के निर्बाध संचालन के लिए यह मार्ग क्षेत्रीय सुरक्षा का केंद्रीय आधार है। यह रणनीतिक समुद्री मार्ग फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी व अरब सागर से मिलाता है, जिसके माध्यम से खाड़ी देशों के तेल और एलएनजी का वैश्विक व्यापार संचालित होता है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह संपर्क दर्शाता है कि मध्य पूर्व में तेहरान और उसके सहयोगी गुटों से जुड़ी चुनौतियां वाशिंगटन की प्राथमिकताओं में बनी हुई हैं। अमेरिका और यूएई के बीच लंबे समय से प्रगाढ़ आर्थिक, रक्षा और राजनयिक रिश्ते रहे हैं, जिनके तहत दोनों देश समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति बनाए रखने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।