भारत और सिंगापुर ने गुरुवार को अपनी आर्थिक एवं तकनीकी साझेदारी को गति देते हुए समुद्री विरासत, खाद्य सुरक्षा तथा दूरसंचार व प्रसारण के क्षेत्र में नए समझौतों पर सहमति जताई है। सिंगापुर में संपन्न हुई चौथी भारत-सिंगापुर मंत्री-स्तरीय गोलमेज बैठक (आईएसएमआर) के बाद केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए इस रणनीतिक प्रगति की घोषणा की।
बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच दो एमओयू और एक आशय पत्र (एलओआई) का आदान-प्रदान हुआ। मंत्रालय के अनुसार, यह द्विपक्षीय समझौते आपसी हित के विभिन्न आयामों में सहयोग को ठोस परिणाम देने और दोनों पक्षों के लिए आर्थिक दृष्टि से लाभकारी साझेदारी को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से किए गए हैं।
इस गोलमेज सम्मेलन में छह चिह्नित क्षेत्रों में जारी सहयोग की प्रगति का आकलन किया गया और साझेदारी के नए द्वार तलाशने पर चर्चा हुई। इनमें उन्नत विनिर्माण (एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग), निर्बाध कनेक्टिविटी, डिजिटलीकरण, स्वास्थ्य सेवा एवं दवाएं, कौशल विकास तथा सतत विकास (सस्टेनेबिलिटी) के क्षेत्र मुख्य रूप से शामिल रहे।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल का प्रतिनिधित्व केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल तथा इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी व वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने किया।
सिंगापुर के प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई उप-प्रधानमंत्री एवं व्यापार व उद्योग मंत्री गैन किम योंग ने की। उनके साथ वरिष्ठ मंत्री एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के समन्वय मंत्री के. षणमुगम, विदेश मंत्री डॉ. विवियन बालाकृष्णन, डिजिटल विकास और सूचना मंत्री जोसेफिन टेओ एवं परिवहन मंत्री तथा वित्त राज्य मंत्री जेफरी सिओ भी इस बैठक में मौजूद रहे।