अमेरिकी और ईरानी पक्षों के बीच 60 दिन की समय-सीमा समाप्त होने के बाद, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने शुक्रवार को तेहरान में घोषणा की कि युद्ध को अब रोक देना ही बुद्धिमानी है क्योंकि ईरान सामरिक रूप से शक्तिशाली और सम्मानित स्थिति में है।
राजधानी तेहरान में ईरानी मेडिकल सोसाइटी के इस्लामिक एसोसिएशन की 31वीं महासभा के दौरान यह अहम टिप्पणी आई, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर प्रतिबंधों को बेहद आक्रामक ढंग से लागू करने के दावों के बीच आई है। पेजेश्कियन ने कहा कि वाशिंगटन के साथ चल रहे संघर्ष का अंत आखिरकार होना ही है, इसलिए मौजूदा ताकतवर स्थिति का लाभ उठाया जाना चाहिए।
ईरानी राष्ट्रपति के मुताबिक, इस समय पूरी दुनिया यह स्वीकार कर रही है कि अमेरिका ने तमाम वैश्विक नियमों को ताक पर रखकर देश के चिकित्सालयों, शिक्षण संस्थानों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमले किए हैं, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका की भारी फजीहत हो रही है।
सिन्हुआ एजेंसी की रिपोर्ट के हवाले से उन्होंने जून महीने में अमेरिका और ईरान के बीच हुए ज्ञापन समझौते को मूल्यवान और गरिमापूर्ण बताया। उन्होंने रेखांकित किया कि इस समझौते में आत्मसमर्पण जैसी कोई बात नहीं है और सारे दायित्व अमेरिका के जिम्मे हैं। इसे ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की पूर्ण एकता का परिणाम बताते हुए उन्होंने इसकी सराहना की।
हालांकि, पेजेश्कियन ने चेतावनी भरे लहजे में यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में कोई नया हमला होता है, तो देश पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके सैन्य बल और कमांडर देश की हिफाजत के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं और वे आखिरी सांस तक आक्रमणकारियों को मुंहतोड़ जवाब देते रहेंगे।