भारत और मोरक्को ने द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी को सशक्त बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2030 तक आपसी कारोबार को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। विदेश मंत्रालय (एमईए) द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दोनों देशों ने संयुक्त आयोग की 7वीं बैठक के दौरान व्यापार, निवेश और औद्योगिक तालमेल को बड़े पैमाने पर विस्तार देने का निर्णय लिया है।
इस महत्वपूर्ण बैठक का संयुक्त नेतृत्व भारत के केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद तथा मोरक्को के विदेश व्यापार प्रभारी राज्य सचिव उमर हेजीरा ने किया। विदेश मंत्रालय ने रबात स्थित भारतीय दूतावास के बयान का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने मौजूदा आर्थिक संबंधों का समग्र मूल्यांकन किया और भविष्य की रणनीतिक प्राथमिकताओं पर चर्चा की।
बैठक के दौरान व्यापारिक सुगमता, निवेश संवर्धन और औद्योगिक संगठनों के आपसी तालमेल को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया गया। उल्लेखनीय है कि भारत और मोरक्को के मध्य कृषि, रसायन-उर्वरक, दवा निर्माण, ऑटोमोबाइल, खनन, ऊर्जा एवं आईटी जैसे क्षेत्रों में पहले से मजबूत संबंध हैं। अब दोनों देश इन स्थापित क्षेत्रों में सहयोग को नया विस्तार देने के साथ-साथ अन्य संभावनाओं पर भी कार्य कर रहे हैं।
कारोबार को दोगुना करने के इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य तक पहुंचने के लिए नियामकीय व व्यापारिक बाधाओं को न्यूनतम करने, व्यावसायिक संपर्कों को सुगम बनाने तथा निजी क्षेत्र की सक्रियता बढ़ाने की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई। इससे विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, हरित ऊर्जा, खनन और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में दोनों देशों की कंपनियों को नए अवसर प्राप्त होंगे।
संयुक्त आयोग की इस बैठक से दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को दीर्घकालिक रणनीतिक दिशा मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। मजबूत द्विपक्षीय सहयोग से न केवल आर्थिक विकास, रोजगार और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को गति मिलेगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला को अधिक लचीला और विविधतापूर्ण बनाने में भी मदद मिलेगी।